PM Modi Egypt Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका की स्टेट विजिट के बाद सीधे मिस्र पहुंच गए हैं। यह पीएम मोदी का दो दिवसीय दौरा है। पीएम मोदी 24-25 जून तक यहां रहेंगे। इस दौरान वह मिस्र के प्रधानमंत्री व अन्य अधिकारियों के साथ गोल मेज बैठक करेंगे। इसके बाद वह यहां के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी से भी मुलाकात करेंगे। बता दें, बीते 26 सालों में यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली मिस्र यात्रा है।
प्रधानमंत्री का यह दौरान रणनीतिक तौर पर काफी अहम माना जा रहा है।दरअसल, मिस्र के राष्ट्रपति अब्दुल फतेह अल-सीसी के बुलावे पर मिस्र पहुंचे हैं। इस बैठक पर दुनिया के तमाम देशों के साथ ही साथ पाकिस्तान की भी नजर है। दरअसल, माना जाता है कि हाल ही में श्रीनगर में हुई जी-20 वर्किंग ग्रुप की बैठक में पाकिस्तान से ही करने पर मिस्र ने हिस्सा नहीं लिया था। ऐसे में पीएम मोदी का यह दौरा और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। अब पीएम मोदी के मिस्र पहुंचने के बाद सबसे ज्यादा खलबली पाकिस्तान में ही है। ऐसे में आइए जानते हैं इस दौरे से भारत और मिस्र को क्या मिलेगा? पाकिस्तान इससे इतना डरा हुआ क्यों है?
मिस्र के लिए कितना अहम है दौरा
मिस्र की अर्थव्यवस्था इन दिनों लड़खड़ाई हुई है। इस देश की करेंसी अमेरिका के मुकाबले काफी नीचे पहुंच गई है। मिस्र ने कई बार इसको लेकर अमेरिका से गुहार लगाई, लेकिन अमेरिका की ओर से अभी तक कोई उच्च स्तरीय मदद नहीं मिली है। ऐसे में मिस्र को पीएम मोदी के दौरे से उम्मीद है। मिस्र को उम्मीद है कि भारत की ओर से उसे प्रत्यक्ष रूप में बड़ी मदद मिलेगी। इसके साथ ही मिस्र को शिक्षा, आईटी और रक्षा क्षेत्र में भी भारत के सहयोग की जरूरत है।
भारत को क्या मिलेगा
मुस्लिम देशों के संगठन में शामिल होने के बावजूद मिस्र हमेशा से भारत का सहयोगी रहा है। दोनों देशों के बीच करीब सात अरब डॉलर का व्यापार हो रहा है। इसी साल जनवरी में मिस्र के राष्ट्रपति अल-सीसी गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनकर आए थे, जब उन्होंने इस व्यापार को 12 अरब डॉलर तक बढ़ाने की बात कही थी। इसके साथ ही भारत को उम्मीद है कि मिस्र अफ्रीका में भारतीय निवेश का रास्ता भी बन सकता है। वहीं रक्षा क्षेत्र में निर्यात के अवसर तलाश रहा भारत मिस्र से बड़े ऑर्डर की उम्मीद लगाए बैठा है। दरअसल, मिस्र ने भारत के तेजस फाइटर जेट, रडार, आकाश मिसाइल सिस्टम में दिलचस्पी दिखाई है।
पाकिस्तान क्यों जल रहा?
बीते दिनों इस्लामिक आतंकवाद को रोकने के लिए मिस्र ने भारत को समर्थन का वादा किया था, जिससे पाकिस्तान को बड़ा झटका लगा था। ऐसे में पाकिस्तान को डर है कि कहीं पीएम मोदी की मिस्र यात्रा के दौरान आतंकवाद फैलाने की उसकी साजिश खुलकर सामने न आ जाए। वहीं उसे इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) में भी सेंधमारी का डर सता रहा है। वहीं पाकिस्तान को इस बात का भी डर है कि इजराइल के बाद मिस्र से भारत की दोस्ती उसके लिए भारी न पड़ जाए।
