पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में संसद भवन परिसर स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय में यह अहम बैठक हुई। बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में रक्षा, गृह, वित्त और विदेश मंत्रालय के प्रमुख मंत्रियों के साथ राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी मौजूद थे। इसके अलावा तीन केंद्रीय मंत्रियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर बैठक में शामिल किया गया है।
बैठक में क्षेत्र की मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई और भारतीय नागरिकों, प्रवासी भारतीयों तथा देश के रणनीतिक हितों की सुरक्षा के लिए कई अहम निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रमों की नियमित निगरानी के लिए एक एकीकृत और समन्वित तंत्र (Unified and Coordinated Mechanism) स्थापित किया जाए, ताकि जरूरत पड़ने पर सुरक्षा उपायों को तेजी से लागू किया जा सके।
नाविकों और उनके परिवारों के लिए विशेष व्यवस्था
प्रधानमंत्री ने भारतीय सीफेयरर्स (नाविकों) और उनके परिवारों के लिए समय पर सूचना, आपातकालीन सहायता और काउंसलिंग उपलब्ध कराने के लिए अलग से एक प्रभावी तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया। बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में रह रहे भारतीय नागरिकों और भारतीय प्रवासी समुदाय को संघर्ष के प्रभाव से सुरक्षित रखने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएं।
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि किसी भी परिस्थिति में भारतीय नाविक की मौत को भारत सरकार पुरजोर तरीके से उठाएगी और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं, किसी भी परिस्थिति से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने अल्टरनेटिव व्यवस्था भी कर लिया है. अगले साल रवि की फसल तक के लिए उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता है।
बैठक में कौन-कौन थे शामिल?
इस बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर मौजूद थे। विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, हरदीप सिंह पुरी और पीयूष गोयल भी बैठक में शामिल हुए।
रबी सीजन के लिए खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
प्रधानमंत्री ने आगामी रबी सीजन के लिए उर्वरकों (फर्टिलाइजर) की आवश्यकता की समीक्षा की और अधिकारियों को निर्देश दिया कि देशभर में खाद की आपूर्ति किसी भी स्थिति में बाधित न होने पाए।बैठक के दौरान कैबिनेट सचिव ने देश में पेट्रोलियम उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा सुरक्षा के साथ-साथ नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) के अधिक उपयोग पर भी जोर दिया।
