भारत के प्रधानमंत्री मोदी और यूक्रेन के राष्ट्रपति जेंलेस्की के बीच टेलीफोन पर बातचीत हुई, बताते हैं कि दोनों के बीच द्विपक्षीय सहयोग और कूटनीतिक स्थिति से जुड़े मुद्दों पर बातचीत हुई। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने सोमवार को बताया कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की। यूक्रेनी नेता ने प्रधानमंत्री मोदी से ऐसे समय में बात की है जब भारत रूसी तेल खरीद के कारण अमेरिका से उच्च टैरिफ का सामना कर रहा है।
ज़ेलेंस्की द्वारा जारी बयान के अनुसार, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने भारत से युद्ध समाप्त करने के शांति प्रयासों का समर्थन करने का आह्वान किया।
ज़ेलेंस्की ने कहा, 'यह महत्वपूर्ण है कि भारत हमारे शांति प्रयासों का समर्थन कर रहा है और इस बात से सहमत है कि यूक्रेन से संबंधित हर चीज़ का फैसला यूक्रेन की भागीदारी से ही होना चाहिए। अन्य तरीकों से परिणाम नहीं मिलेंगे।'
इसके जवाब में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति को युद्ध में भारत का रुख स्पष्ट कर दिया है। मोदी ने X पर कहा, 'राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की से बात करके और हाल के घटनाक्रमों पर उनके विचार जानकर मुझे खुशी हुई। मैंने संघर्ष के शीघ्र और शांतिपूर्ण समाधान की आवश्यकता पर भारत की दृढ़ स्थिति से उन्हें अवगत कराया। भारत इस संबंध में हर संभव योगदान देने के साथ-साथ यूक्रेन के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।'
भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया
यूक्रेनी नेता ने यूक्रेन में युद्ध के चौथे वर्ष में प्रवेश करने के साथ ही रूस पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान किया। ज़ेलेंस्की ने कहा, 'मैंने पाया कि रूसी ऊर्जा, खासकर तेल, के निर्यात को सीमित करना ज़रूरी है ताकि इस युद्ध को जारी रखने के लिए उसकी क्षमता और वित्तपोषण क्षमता को कम किया जा सके।'
यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत को रूसी तेल की ख़रीद पर अमेरिका से 50 प्रतिशत टैरिफ़ का सामना करना पड़ रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने रूसी तेल की खरीद के कारण भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया।
