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80 हजार से अधिक किसानों को झटका! लौटानी पड़ेगी PM Kisan Scheme की किस्त, सरकार ने तेज की प्रक्रिया

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Sep 10, 2023, 06:59 PM IST

PM-Kisan Samman Nidhi Latest News: उन्होंने कहा, ‘‘इस योजना के जिन लाभार्थियों को सरकार ने आयकर का भुगतान करने या अन्य कारणों से अयोग्य पाया है, उन्हें अब तक प्राप्त राशि सरकार को वापस करनी होगी।’’

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

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PM-Kisan Samman Nidhi Latest News: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किस्त पाने वाले 80 हजार से अधिक किसानों को बड़ा झटका लगा है। ऐसा इसलिए क्योंकि इन्हें अब योजना के तहत हासिल हुई किस्त को लौटाना पड़ेगा। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली बिहार सरकार ने सरकारी बैंकों को इस योजना के तहत रकम पाने वाले लगभग 81000 अपात्र किसानों से पैसा वापस लेने की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया है। उन्हें केंद्र सरकार ने आयकर चुकाने या अन्य कारणों से अयोग्य पाया है।

राज्य सरकार के निदेशक (कृषि) आलोक रंजन घोष ने इस बारे में समाचार एजेंसी ‘पीटीआई-भाषा’ को रविवार (10 सितंबर, 2023) को जानकारी दी, ‘‘जांच के बाद केंद्र सरकार ने बिहार में कुल 81595 किसानों (वर्ष 2020 से) को अयोग्य लाभार्थियों के रूप में पहचान की। राज्य कृषि विभाग ने सभी संबंधित बैंकों से अयोग्य किसानों से धनराशि वापस लेने की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा है। राज्य के 81595 किसानों से लगभग 81.59 करोड़ रुपये वापस लिए जाने हैं।’’

निदेशक की ओर से आगे बताया गया, ‘‘राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की हालिया बैठक में बैंकों के सभी वरिष्ठ अधिकारियों को अयोग्य किसानों से राशि वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने को कहा गया है। बैंकों को यह भी सलाह दी गई है कि अगर जरूरी हो तो अयोग्य किसानों को नए सिरे से अनुस्मारक भेजें। इसके अलावा बैंकों को अयोग्य किसानों के खाते से लेन-देन पर रोक लगाने को भी कहा गया है।’’

उन्होंने यह भी कहा कि कुछ बैंकों ने अब तक अयोग्य लाभार्थी किसानों से 10.31 करोड़ रुपए वापस ले लिए हैं। उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक और दक्षिण बिहार ग्रामीण ने भी अयोग्य लाभार्थी किसानों से कुछ राशि वापस ले ली है। बकौल निदेशक, ‘‘इस योजना के जिन लाभार्थियों को सरकार ने आयकर का भुगतान करने या अन्य कारणों से अयोग्य पाया है, उन्हें अब तक प्राप्त राशि सरकार को वापस करनी होगी।’’ घोष के मुताबिक, केंद्र सरकार ने देश के छोटे और सीमांत किसानों को न्यूनतम आय सहायता देने के लिए यह योजना शुरू की थी, लेकिन योजना के तहत हजारों अपात्र किसानों को भी राशि बांट दी गयी ।

दरअसल, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना एक केंद्रीय योजना है जो भारत सरकार से शत प्रतिशत वित्त पोषित है। एक दिसंबर, 2018 से इस योजना के तहत सभी भूमि धारक किसान परिवारों को 6000 रुपये प्रति वर्ष तीन समान किश्तों में आर्थिक सहायता के रुप में दिये जाते हैं। राज्य सरकारें उन किसान परिवारों की पहचान करती हैं जो योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार सहायता के लिए पात्र हैं और धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है।

योजना का मकसद प्रत्येक फसल चक्र के दौरान उचित फसल रख-रखाव और उचित पैदावार सुनिश्चित करने के लिए छोटे और सीमांत किसानों की वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है। यह उन्हें ऐसे खर्चों को पूरा करने के लिए साहूकारों के चंगुल में फंसने से भी बचाता है और कृषि गतिविधियों में उनकी निरंतरता सुनिश्चित करता है।

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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