सीईसी ज्ञानेश कुमार और एसआईआर में कथित अनियमितताओं को लेकर राजधानी दिल्ली समेत देशभर में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच भारतीय जनता पार्टी भी विपक्ष पर हमलावर है। भाजपा नेता एक के बाद एक प्रेस कॉफ्रेंस कर विपक्ष खासतौर पर कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार कर रहे हैं। इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और राजीव रंजन सिंह ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस कर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। पीयूष गोयल ने राहुल गांधी को कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा ‘रेड फ्लैग’ करार दिया। वहीं, राजीव रंजन सिंह ने राहुल गांधी को मेडिटेशन करने की सलाह देते हुए आरोप लगाया कि वह सत्ता हासिल करने के लिए देश में अराजकता का माहौल पैदा करना चाहते हैं।
'राहुल गांधी की गतिविधियां संविधान की भावना को नुकसान पहुंचाने वाली'
पीयूष गोयल ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से राहुल गांधी का व्यवहार और दोहरा रवैया देखने को मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी की गतिविधियां संविधान की भावना को नुकसान पहुंचाने वाली हैं। गोयल ने कहा कि कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाती है, लेकिन अपने राजनीतिक रिकॉर्ड पर ध्यान नहीं देती। उन्होंने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए 10 सवालों का जवाब मांगा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कई लोग राहुल गांधी को कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा ‘रेड फ्लैग’ मानते हैं, क्योंकि पार्टी को बार-बार चुनावों में हार का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व और राजनीतिक तौर-तरीकों पर कांग्रेस को विचार करना चाहिए।
गर्भवती महिला पत्रकार से कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया
पीयूष गोयल ने प्रदर्शन की कवरेज कर रही एक महिला पत्रकार के साथ कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि महिला पत्रकार तीन महीने की गर्भवती हैं और वह केवल विरोध-प्रदर्शन की रिपोर्टिंग कर रही थीं। गोयल ने कहा कि पत्रकारों के साथ इस तरह का व्यवहार स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने उम्मीद जताई कि देश की जनता और पत्रकार समुदाय इस घटना को गंभीरता से लेगा।‘राहुल गांधी मेडिटेशन कीजिए, सकारात्मक काम कीजिए’
केंद्रीय मंत्री राजीव रंजन सिंह ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा, “राहुल गांधी जी मेडिटेशन कीजिए, उससे आपको सद्बुद्धि आती है तो सकारात्मक काम कीजिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी सत्ता हासिल करने के लिए देश की राजधानी को 1975 के आपातकाल के दौर में ले जाना चाहते हैं। सिंह ने कहा कि राहुल गांधी अपने कथित अराजक कृत्यों से देश को बदनाम करना चाहते हैं, जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राष्ट्र की भावना से ओतप्रोत होकर काम करते हैं।
'अराजकता के जरिए लोकतंत्र का रक्षक नहीं बना जा सकता'
राजीव रंजन सिंह ने कहा कि जनता सेवा भाव से किए गए कार्यों को महत्व देती है और राहुल गांधी के व्यवहार को देख रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ड्रामा और अराजकता के जरिए लोकतंत्र का रक्षक नहीं बना जा सकता। राजीव रंजन सिंह ने कहा कि देश की जनता वंशवाद और अराजकता को स्वीकार नहीं करती।
बिहार चुनाव का जिक्र कर कांग्रेस पर निशाना
वहीं प्रेस कांफ्रेंस के दौरान राजीव रंजन सिंह ने बिहार में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का जिक्र करते हुए कहा कि राहुल गांधी ने इस दौरान बिहार के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मां के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया था।
राजीव रंजन सिंह ने दावा किया कि बिहार की जनता ने चुनाव में इसका जवाब दिया और कांग्रेस की सीटें 19 से घटकर 6 रह गईं। उन्होंने कहा कि जनता नेताओं के व्यवहार और उनके कामकाज का आकलन करती है।
