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Parliament Winter Session: संसद के शीतकालीन सत्र में बढ़ेगा 'सियासी पारा', विपक्ष कर रहा SIR पर चर्चा की मांग, क्या है मोदी सरकार का प्लान?

Parliament Winter Session: संसद का शीतकालीन सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। शीतकालीन सत्र की शुरुआत हंगामेदार रहने और इसमें गतिरोध पैदा होने के आसार हैं। ये रविवार को उस वक्त दिखाई दिया, जब अधिकतर विपक्षी दलों ने एक सुर में यह मांग उठाई कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा कराई जानी चाहिए।

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संसद का शीतकालीन सत्र 1 दिसंबर से शुरू।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल)

Parliament Winter Session: संसद का शीतकालनी सत्र 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है। यह सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में सरकार रमाणु ऊर्जा क्षेत्र, उच्च शिक्षा ढांचा सुधार और कॉरपोरेट/शेयर बाजार विनियम समेत 10 महत्त्वपूर्ण विधेयक रखने जा रही है। वहीं, दूसरी ओर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे के जरिए विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगी।

प्रधानमंत्री मोदी संसद के शीतकालीन सत्र 2025 के उद्घाटन के अवसर पर सुबह 10:00 बजे मीडिया को संबोधित भी करेंगे।

क्या है विपक्ष का एजेंडा?

इसके अलावा सरकार असैन्य परमाणु क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने संबंधी विधेयक के साथ अपने सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाएगी। वहीं, विपक्ष द्वारा राष्ट्रीय राजधानी में वायु प्रदूषण के मुद्दे के अलावा 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर के मुद्दे पर सरकार को घेरने की संभावना है।

सत्र से पहले बुलाई गई सर्वदलीय बैठक

शीतकालीन सत्र से ठीक एक दिन पहले सर्वदलीय दल की बैठक बुलाई गई। इस बैठक में दोनों सदनों के विधायी कार्यों और विभिन्न विषयों को लेकर चर्चा की गई। सर्वदलीय बैठक में सरकार की ओर से क्षा मंत्री राजनाथ सिंह, राज्यसभा में सदन के नेता एवं स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और संसदीय कार्य राज्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल शामिल हुए। वहीं, विपक्ष की ओर से कांग्रेस के प्रमोद तिवारी, कोडिकुनिल सुरेश, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओब्रायन, समावादी पार्टी के अखिलेश यादव, द्रमुक के तिरुचित शिवा और कई अन्य दलों के नेता शामिल हुए।

इन विधेयकों को पास कराने पर सरकार की रहेगी नजर

शीतकालीन सत्र में परमाणु ऊर्जा विधेयक-2025 के साथ 9 नए बिल पेश होने हैं। इनमें भारतीय उच्च शिक्षा आयोग, राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन), कॉर्पोरेट कानून संशोधन, प्रतिभूति बाजार संहिता-2025 और मध्यस्थता कानून में बदलाव प्रमुख हैं। सत्र में 15 बैठकें होंगी और 19 दिसंबर को समाप्त होगा। यह सत्र 19 दिसंबर को समाप्त होगा।

संसद में कई विधायी और वित्तीय कार्य होने वाले हैं, जिसमें राष्ट्रपति स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक, 2025; मणिपुर माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025; और केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 सहित प्रमुख विधेयकों को पेश करने की सिफारिश करेंगे।

राष्ट्रपति ने स्वास्थ्य सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा उपकर विधेयक की विषय-वस्तु से अवगत होकर, संविधान के अनुच्छेद 117 के खंड (1) और अनुच्छेद 274 के खंड (1) के अंतर्गत इसे प्रस्तुत करने की सिफारिश की है, जिस पर अनुच्छेद 117 के खंड (3) के अंतर्गत विचार किया जाएगा।

इसी प्रकार, मणिपुर जीएसटी (द्वितीय संशोधन) विधेयक, 2025 को अनुच्छेद 207 के खंड (1) और (3) के तहत पेश करने और विचार करने के लिए राष्ट्रपति की सिफारिश प्राप्त हुई है, जबकि केंद्रीय उत्पाद शुल्क (संशोधन) विधेयक, 2025 को भी अनुच्छेद 117 और 274 के तहत मंजूरी दे दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, जिन अन्य विधायी प्रस्तावों पर विचार किए जाने की संभावना है, उनमें जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2025; दिवाला और दिवालियापन संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025; निरसन और संशोधन विधेयक, 2025; राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2025; परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025; कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2025; प्रतिभूति बाजार संहिता विधेयक (एसएमसी), 2025; बीमा कानून (संशोधन) विधेयक, 2025; मध्यस्थता और सुलह (संशोधन) विधेयक, 2025; और भारतीय उच्च शिक्षा आयोग विधेयक, 2025 शामिल हैं।

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Piyush Kumar
Piyush Kumar Author

पीयूष कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर Senior Copy Editor के रूप में कार्यरत हैं। देश-दुनिया की हलचल पर उनकी पैनी नजर रहती है और इन घट... और देखें

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