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आजादी के बाद ऐसा पहली बार: संसद के शीत सत्र से 141 MPs सस्पेंड, सोनिया बोलीं- लोकतंत्र का गला घोंट रही मोदी सरकार

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Dec 20, 2023, 11:27 AM IST

Parliament Security Breach: संसद में सोमवार को 78 विपक्षी सांसदों को आसन की अवमानना तथा अशोभनीय आचरण करने के आरोप में निलंबित किया गया था, जो संसदीय इतिहास में एक दिन में अब तक की, सर्वाधिक सांसदों को निलंबित करने की बड़ी कार्रवाई है।

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तस्वीर का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है। (फाइल)

Photo : AP

Parliament Security Breach: देश की संसद में इस बरस शीत सत्र मानो "निलंबन सत्र" बन गया। ऐसा इसलिए क्योंकि इसमें इतिहास रच गया। आजादी के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि संसद के सत्र से कुल 141 सासंद सस्पेंड कर दिए गए। बुधवार (20 दिसंबर, 2023) की सुबह 10 बजे तक निलंबित सांसदों की संख्या का यही आंकड़ा था।

ऐसे में लोकतंत्र के मंदिर कहलाने वाले सदन भवन के दोनों सदनों की मौजूदा स्थिति की बात करें तो निचले सदन यानी कि लोकसभा में विपक्ष के 201 सासंद हैं, जिनमें से 95 निलंबित किए जा चुके हैं। वहां कांग्रेस के सिर्फ 10 सांसद बचे हैं। मोटा-मोटी तौर पर देखें तो यहां विपक्ष के 47 फीसदी सांसद निलंबित किए जा चुके हैं।

उच्च सदन यानी कि राज्यसभा की ओर नजर डालें तब वहां पर विपक्ष के 125 सांसद हैं, जिनमें 46 एमपी को सस्पेंड किया जा चुका है। यानी 37 फीसदी विपक्षी सांसद निलंबित किए जा चुके हैं।

किस दिन कहां से कितने MPs हुए सस्पेंड?

  • 14 दिसंबर: लोकसभा से 13, राज्सभा से एक
  • 18 दिसंबरः लोकसभा से 33, राज्यसभा से 45
  • 19 दिसंबरः लोकसभा से 49, राज्यसभा से शून्य
  • कुल निलंबित सांसदः लोकसभा से 95, राज्यसभा से 46
  • निलंबित सांसदों का टोटल- 141

MPs के निलंबन पर बोलीं सोनिया- लोकतंत्र का गला घोंट रही मोदी सरकार

इस बीच, बुधवार को कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख सोनिया गांधी ने मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया, "इस सरकार की ओर से लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है। इससे पहले कभी भी इतने सारे विपक्षी सांसदों को सदन से निलंबित नहीं किया गया, और वह भी केवल एक, बिल्कुल उचित और वैध मांग उठाने के लिए।" उन्होंने आगे बताया कि संसद के विपक्षी सदस्यों ने 13 दिसंबर की असाधारण घटना को लेकर लोकसभा और राज्यसभा में गृह मंत्री से एक बयान दिए जाने की मांग की थी। वैसे, विपक्षी सांसदों ने इससे पहले मंगलवार को सरकार पर निशाना साधते हुए संसद को ‘‘संविधान की कब्रगाह’’ बताया और इसकी तुलना उत्तर कोरियाई सदन से की थी।
अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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