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जंगलों से घिरी बैसरन घाटी के आसपास नहीं थी सुरक्षा बलों की तैनाती, ये जगह सैनिक बेस से 10-2 किमी. दूर, बनानी होगी नई रणनीति

सूत्रों ने बताया कि सैनिकों को अपने स्थानों से इस स्थान तक पहुंचने में समय लगता है, जो कि 10-11 किलोमीटर दूर है, और बैसरन क्षेत्र तक केवल पैदल या घोड़े पर ही पहुंचा जा सकता है।

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पहलगाम आतंकी हमला

Photo : PTI

Pahalgam Terror Attack: पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद अधिकारी कश्मीर घाटी में पर्यटन स्थल के पास पहाड़ों में सेना और अर्धसैनिक बलों की स्थायी तैनाती करके सुरक्षा कमियों को दूर करने की योजना पर काम कर रहे हैं। सुरक्षा प्रतिष्ठान के अधिकारियों ने बताया कि तीन जुलाई से शुरू होने वाली वार्षिक अमरनाथ तीर्थयात्रा से पहले सुरक्षा बलों में पुन:तैनाती की भी जरूरत है। रक्षा सूत्रों ने बताया कि घने जंगलों से घिरी बैसरन घाटी के घास के मैदानों के आसपास सुरक्षा बलों की कोई तैनाती नहीं है। उन्होंने बताया कि सबसे नजदीक सेना की राष्ट्रीय राइफल्स की तीसरी बटालियन की एक यूनिट और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की 116वीं बटालियन की एक कंपनी है।

सैनिकों की चौकी से 10-11 किमी. दूर

सूत्रों ने बताया कि सैनिकों को अपने स्थानों से इस स्थान तक पहुंचने में समय लगता है, जो कि 10-11 किलोमीटर दूर है, और बैसरन क्षेत्र तक केवल पैदल या घोड़े पर ही पहुंचा जा सकता है। सुरक्षा बल आमतौर पर कश्मीर घाटी में चौकियां स्थापित करके चोटियों पर गश्त करते हैं। वे इन चोटियों और घास के मैदानत तक पहुंच को नियंत्रित करते हैं। सुरक्षा एजेंसियां अब सैनिकों की तैनाती को दोबारा समायोजित करने की योजना बना रही हैं, ताकि उन्हें बैसरन घाटी क्षेत्र के करीब तैनात किया जा सके और जंगलों के पीछे के हिस्से को भी सुरक्षित किया जा सके एवं किसी भी आतंकवादी गतिविधि पर नजर रखी जा सके।

शाह की बैठक में कार्ययोजना तैयार

सूत्रों ने बताया कि आतंकवादी हमले के मद्देनजर दिल्ली और श्रीनगर में केंद्रीय गृह मंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय सुरक्षा बैठकों के बाद कार्ययोजना तैयार की जा रही है। एक वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारी ने कहा कि कश्मीर घाटी में पुनर्गठित सुरक्षा ग्रिड की अंतिम रूपरेखा अगले कुछ दिनों में तैयार कर ली जाएगी और इसमें पहलगाम क्षेत्र को बेहतर ढंग से सुरक्षित करना भी शामिल होगा।

इस बार तैनाती में होगा बदलाव

उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा के दौरान कश्मीर घाटी में बड़ी संख्या में आम लोगों की आवाजाही होती है, इसलिए इस बार तैनाती में बदलाव किया जाएगा ताकि तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। दक्षिण कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को आतंकवादियों ने प्रमुख पर्यटक स्थल पर हमला किया, जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए। मारे गए लोगों में अधिकतर पर्यटक थे और कई अन्य घायल हुए गए। मृतकों में दो विदेशी- संयुक्त अरब अमीरात और नेपाल से - और दो स्थानीय लोग भी शामिल हैं। (पीटीआई-भाषा इनपुट)

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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