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Pahalgam Attack: स्थानीय लोगों ने आतंकियों को खाना, पनाह और जानकारी दी थी, NIA की चार्जशीट में क्या-क्या खुलासे?

Pahalgam Attack: चार्जशीट में कहा गया है कि अगर लोकल गाइड चाहते तो 26 बेगुनाहों की जान बच सकती थी। स्थानीय लोगों ने आतंकियों को खाना, पनाह और जानकारी दी थी।

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पहलगाम हमले पर एनआईए चार्जशीट

Photo : PTI

Pahalgam Attack Chargesheet: पहलगाम हमले पर एनआईए ने चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें कई तरह के खुलासे हुए हैं। यह बात सामने आी है कि घाटी में पर्यटकों के पैसों पर अपना पेट पालने वाले दो स्थानीय गाइड परवेज और बशीर अहमद चाहते तो 26 लोगों की जान बचाई जा सकती थी। लेकिन वे खामोश रहे, इसके अलावा आतंकियों को मिली लोकल मदद ने कश्मीर के इतिहास के सबसे बड़े आतंकी हमलों में एक को अंजाम देने में अहम भूमिका निभाई।

चार्जशीट में क्या-क्या है

चार्जशीट के मुताबिक, लोकल गाइड चाहते तो 26 बेगुनाहों की जान बच सकती थी। स्थानीय लोगों ने आतंकियों को खाना, पनाह और जानकारी दी थी। ओवर ग्राउंड वर्कर की सबसे बड़ी भूमिका थी और इन्ही ओवर ग्राउंड वर्करों का संपर्क लोकल कुछ लोकल गाइड थे जो आस पास के इलाकों में सक्रिय थे।

मामले की जांच कर रही एनआईए ने करीब दो हजार लोकल गाइड से पूछताछ की जिसके बाद अदालत में ये महत्वपूर्ण दस्तावेज दाखिल किए गए। पहलगाम आतंकी हमले की NIA चार्जशीट में ये भी बड़ा खुलासा हुआ है कि स्थानीय मदद से आतंकियों ने 26 लोगों की हत्या की साजिश रची थी। चार्जशीट के मुताबिक दो स्थानीय गाइड परवेज और बशीर ने आतंकियों को पनाह, खाना और सुरक्षा से जुड़ी जानकारी दी।

आतंकी करीब 5 घंटे तक स्थानीय झोपड़ी में रुके थे

NIA जांच में सामने आया कि आतंकी करीब 5 घंटे तक स्थानीय झोपड़ी में रुके थे, जहां उन्हें चाय-खाना और जरूरी सामान दिया गया। आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा, सुरक्षा बलों की मूवमेंट और कैंपों की जानकारी जुटाई थी, स्थानीय लोगों को उनके आतंकी होने का अंदाजा था। हमले से कुछ घंटे पहले भी आतंकियों को बैसरन घाटी के पास देखा गया था, लेकिन सूचना नहीं दी गई। NIA मान रही है कि समय रहते अलर्ट मिलता तो जानें बच सकती थीं।

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पहलगाम आतंकी हमला

आतंकी हमले में हुई थी 26 पर्यटकों की मौत

22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बैसरन घाटी में आतंकवादियों ने एक भीषण हमला किया था। इस आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें अधिकांश पर्यटक शामिल थे। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के अनुसार, यह एक सुनियोजित नरसंहार था। एनआईए की चार्जशीट के अनुसार, यह हमला पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) द्वारा किया गया था। लाहौर से लश्कर आतंकी सैफुल्लाह उर्फ साजिद जट्ट उर्फ 'लंगड़ा' इस हमले का मास्टरमाइंड था जो सीमा पार से निर्देश दे रहा था।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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