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महाराष्ट्र निकाय चुनाव में भी ओवैसी निकले 'डार्क हॉर्स', विपक्षी फूट का उठाया फायदा, AIMIM ने जीत लीं 114 सीटें

इस सफलता पर पार्टी के नेता शारिक नक्शबंदी ने शुक्रवार को यहां कहा कि असदुद्दीन ओवैसी के घर-घर जाकर चुनाव प्रचार करने और पिछले चुनावों में बहुत कम मतों के अंतर से मिली हार ने पार्टी कार्यकर्ताओं को महाराष्ट्र के निकाय चुनावों में जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया। महाराष्ट्र निकाय चुनाव के नतीजे 16 जनवरी को आए।

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महाराष्ट्र निकाय चुनाव में AIMIM ने अपने प्रदर्शन से चौंकाया। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

AIMIM success in Maharashtra: महाराष्ट्र निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की अगुवाई वाली महायुति को बंपर जीत मिली है। खासकर, बीएमसी पर तो भाजपा का कब्जा हो गया है और देश की सबसे अमीर नगर निगम में पहली बार उसका मेयर बनने जा रहा है। वहीं, विपक्षी महाविकास अघाड़ी की भारी हार हुई। विपक्ष के इस खराब प्रदर्शन के बीच ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने निकाय चुनाव में अपने परिणामों से चौंका दिया है। ओवैसी एक बार फिर 'डार्क हॉर्स' साबित हुए हैं। राज्य भर की अलग-अलग नगर निकायों में उनकी पार्टी ने 114 सीटों पर जीत दर्ज की है। स्थानीय चुनाव में विपक्षी दलों की फूट का फायदा ओवैसी की पार्टी को पहुंचा है।

महाराष्ट्र में खूब उड़ी 'भाईजान' की पतंग

महाराष्ट्र की 29 महानगर पालिका चुनाव में एमआईएम की जबरदस्त एंट्री हुई है। एमआईएम के 29 महानगरपालिका में 114 से पार्षद जीते। एमएनएस और एनसीपी शरदचंद्र पार्टी से भी अच्छा प्रदर्शन एमआईएम का रहा है। एआईएमआईएम के सबसे ज्यादा 33 छत्रपति संभाजी नगर में और इसके बाद 21 मालेगांव में जीते हैं। AIMIM के नांदेड़ में 13 पार्षद, धुले में 10, मुंबई में 8, सोलापुर में 8, ठाणे में 5, अमरावती में 11 नागपुर और परभणी में एक-एक पार्षद विजयी हुए हैं।

पिछली बार जीती थीं 80 सीटें

नक्शबंदी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि पिछले नगर निकाय चुनावों में 80 सीटें जीतने से पार्टी को शहरी मतदाताओं के मिजाज का अंदाजा हो गया था, जिससे उसे जीत हासिल करने में मदद मिली। उन्होंने कहा, ‘शुरुआत में, छत्रपति संभाजीनगर में उम्मीदवारी को लेकर एआईएमआईएम को अपने ही लोगों से चुनौती का सामना करना पड़ा। बाद में, असदुद्दीन ओवैसी की मौजूदगी और उनकी रैलियों के कारण एआईएमआईएम ने यहां 33 पर जीत हासिल की। इस बार हमने मुंबई से लेकर चंद्रपुर तक सभी जगह पर जीत दर्ज की है।’

लोगों ने ओवैसी पर भरोसा जताया

महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में ओवैसी के घर-घर जाकर किए गए प्रचार और पिछले चुनावों में मामूली हार का दर्द झलक रहा था, जिसके चलते पार्टी ने राज्य भर में 114 सीटें जीतीं। नक्शबंदी ने कहा कि ओवैसी ने 2015 की तुलना में चुनाव प्रचार के लिए अधिक समय दिया और असंतुष्ट नेताओं से बात करके और उनमें से लगभग 70 प्रतिशत को मनाकर असंतोष को दूर करने में सफल रहे।

29 नगर निकायों की 2,869 में से 2,784 सीट के परिणाम आए

महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने शुक्रवार देर शाम राज्य के 29 नगर निकायों की 2,869 में से 2,784 सीट के परिणाम घोषित किए, जिसमें भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 1,372 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। यहां एक अधिकारी ने बताया कि शेष 85 सीट के परिणाम देर रात घोषित होने की उम्मीद है। एसईसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, भाजपा ने 1,372 सीट हासिल कीं, उसके बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने 394 सीट, कांग्रेस ने 315 सीटे, अजित पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने 158 सीट और उद्धव ठाकरे की शिवसेना (उबाठा) ने 149 सीट जीतीं हैं। मुंबई में एसईसी ने 227 में से 204 वार्ड के चुनाव परिणाम घोषित कर दिए हैं। इनमें भाजपा ने 85, शिवसेना ने 25, कांग्रेस ने 19, शिवसेना (उबाठा) ने 60 और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) ने पांच सीट जीती हैं।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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