नीट पेपर लीक मामले पर जहां एक और छात्र सड़कों पर उतरे हुए हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस समेत विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे को लेकर सरकार के साथ आमने-सामने है। आज भी संसद में हंगामा जारी है। इसी बीच राहुल गांधी ने कुछ विपक्षी नेताओं के साथ लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ मुलाकात की है। मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष छात्रों के इस मुद्दे को दबने नहीं देगा। राहुल के साथ-साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी सरकार को घेरा है।
संसद में राहुल गांधी ने की चर्चा की मांग
बैठक के बाद राहुल गांधी ने ’एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि उन्होंने विपक्षी सांसदों के साथ लोकसभा अध्यक्ष से मुलाकात की। उन्होंने कहा, ’’हमारी मांग सरल है कि छात्रों के खिलाफ कल की गई बर्बर कार्रवाई और परीक्षा से जुड़े संकट को लेकर सरकार की जवाबदेही के पूर्ण अभाव पर संसद में विस्तृत चर्चा होनी चाहिए।’’
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि छात्रों को अपने भविष्य से जुड़े जायज सवाल पूछने पर पीटा गया। कांग्रेस नेता ने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे को दबने नहीं देगा और यह सुनिश्चित करेगा कि छात्रों की आवाज सड़कों और संसद, दोनों जगह सुनी जाए। उन्होंने सवाल किया, ’’अगर संसद भारत के युवाओं के भविष्य पर चर्चा नहीं कर सकती, तो फिर इसका क्या मतलब है?’’
खरगे भी सरकार पर भड़के
मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा, " कल प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर लाठीचार्ज किया गया, जिससे बहुत सारे छात्र अस्पताल में भर्ती हैं। हम इस अन्याय और अत्याचार के खिलाफ सरकार से सदन में चर्चा करना चाहते थे, लेकिन एक शब्द बोलते ही माइक बंद कर दिया गया। क्या ये लोकतंत्र है? अगर लोकतंत्र में सरकार हमारी बात ही नहीं सुनना चाहती, तो फिर हम कहां जाएं? हम चाहते थे कि इस मुद्दे पर चर्चा हो, जिसके बाद गृह मंत्री एक स्टेटमेंट दें, लेकिन सरकार ने हमारा ही मुंह बंद करा दिया। आखिर प्रदर्शन कर रहे बच्चों पर लाठीचार्ज क्यों किया गया, उन्हें क्यों मारा-पीटा गया? अगर इन मुद्दों पर संसद में भी चर्चा न हो, तो कहां बात करें? ये सरकार खुद अराजकता क्रिएट कर रही है, लोगों को उकसा रही है, ताकि उन पर लाठीचार्ज करवाया जाए, उन्हें मार-पीटकर, डराकर जेल में डाला जाए। हम कल भी सदन में इन मुद्दों पर बात करना चाहते थे, लेकिन हमें मौका नहीं दिया गया। ऊपर से हमें सदन से बाहर भी नहीं जाने दिया गया, जेल की तरह अंदर ही रखा गया। देश आज अराजकता की तरफ बढ़ रहा है, जिसे नरेंद्र मोदी और अमित शाह कंट्रोल नहीं करना चाहते हैं। हम ऐसे रवैये की कड़ी निंदा करते हैं।"
प्रियंका गांधी ने मांगी इस्तीफा
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने कहा कि पेपर लीक का मुद्दा कांग्रेस बहुत पहले से उठा रही है। बार-बार पेपर लीक हो रहा है, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। अब देश के युवा समझ रहे हैं- उनके मां-बाप लोन लेकर उनको पढ़ाते हैं, लेकिन उनका भविष्य क्या है? उत्तर प्रदेश में मुझे 26,27 साल के बच्चे मिले थे, उनकी शादियां तक नहीं हो रही हैं। वो इंतेजार करते हैं नियुक्ति पत्र का, लेकिन पेपर लीक हो जाता है। ये बहुत गंभीर मुद्दा है, इसे बिल्कुल भी हल्के में नहीं लिया जा सकता है। हम सदन में चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन विपक्ष को बात उठाने नहीं दिया जाता है। ये सदन उन्हीं युवाओं का है जिनपर सरकार लाठी चला रही है, आंसू गैस के गोले छोड़ रही है। बच्चों की बात सुनी जाए और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा लिया जाए।
