Kiren Rijiju shunted: कानून मंत्रालय से किरेन रीजीजू की छुट्टी के मसले पर गुरुवार (18 मई, 2023) को विपक्षी दलों ने उन्हें जमकर घेरा। कांग्रेस समेत बाकी विपक्षी दलों ने कटाक्ष करते हुए उन्हें न सिर्फ ‘नाकाम कानून मंत्री' करार दिया बल्कि यह भी कहा कि कानूनों के पीछे का विज्ञान समझना आसान नहीं है।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने रीजीजू को ‘नाकाम मंत्री’ कहा, जबकि सीनियर वकील और राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने उनकी चुटकी ली। कहा कि कानूनों के पीछे के विज्ञान को समझना आसान नहीं है।
न्यायिक नियुक्तियों की कॉलेजियम प्रणाली के मुखर आलोचक रहे रीजीजू को आड़े हाथ लेते हुए टैगोर ने ट्वीट किया, ‘‘नाकाम कानून मंत्री चले गये। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में वह क्या कर सकते हैं? उम्मीद है कि अर्जुन राम मेघवाल कानून मंत्री के रूप में गरिमापूर्ण तरीके से काम करेंगे।’’
पूर्व कानून मंत्री सिब्बल ने कहा, ‘‘अब कानून नहीं, पृथ्वी विज्ञान मंत्री। कानूनों के पीछे का विज्ञान समझना सरल नहीं है। अब वह विज्ञान के कानूनों का सामना करेंगे। शुभकामना मेरे दोस्त।’’
इस बीच, उद्धव ठाकरे नीत शिवसेना की नेता और राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने रीजीजू को कानून मंत्री पद से हटाकर पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय में भेजे जाने के संभावित कारणों का जिक्र करते हुए कहा कि क्या महाराष्ट्र के मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय का हालिया फैसला तो वजह नहीं था? उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘क्या महाराष्ट्र पर आये फैसले से असहज स्थिति बनी ?’’
बहुजन समाज पार्टी के लोकसभा सदस्य दानिश अली ने ट्वीट कर कहा, ‘‘सात फरवरी, 2023 को मैंने किरेन रीजीजू द्वारा न्यायपालिका की अतार्किक और खतरनाक आलोचना किए जाने का लोकसभा में पुरजोर विरोध किया था। उन्हें आज हटा दिया गया। यह काफी देर से हुआ और वह संस्था को बहुत नुकसान पहुंचा चुके हैं।’’
