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विपक्ष की CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ घेराबंदी! मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने के नोटिस पर 200 से अधिक सांसदों ने किए हस्ताक्षर

नियमों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नोटिस पर लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।

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मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार (फाइल फोटो: pti)

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के प्रस्ताव के लिए 200 से अधिक सांसदों ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। एक सूत्र ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।सूत्र के अनुसार, लोकसभा के 130 सांसदों ने और राज्यसभा के 63 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। नोटिस शुक्रवार को संसद के किसी एक सदन में पेश किए जाने की संभावना है।

हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इसे किस सदन में पेश किया जाएगा।विपक्ष के एक नेता ने बताया कि सांसदों ने नोटिस को लेकर काफी उत्साह दिखाया और आवश्यक संख्या पूरी हो जाने के बाद भी बृहस्पतिवार को कई सांसदों हस्ताक्षर किए।

'कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक'

नियमों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नोटिस पर लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।एक अन्य सूत्र के अनुसार, इस नोटिस पर विपक्षी गठबंधन ’इंडिया’ के सभी दलों के सांसदों ने हस्ताक्षर किए हैं। इसके अलावा आम आदमी पार्टी के सांसदों ने भी नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं, हालांकि पार्टी अब आधिकारिक रूप से इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है।यह पहली बार है जब मुख्य निर्वाचन आयुक्त को हटाने के लिए इस तरह का नोटिस दिया गया है।

एक उच्च पदस्थ सूत्र के अनुसार, नोटिस में मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ सात आरोप लगाए गए हैं, जिनमें 'पद पर रहते हुए पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण आचरण', 'चुनावी धोखाधड़ी की जांच में जानबूझकर बाधा डालना' और 'बड़े पैमाने पर मतदाताओं को मताधिकार से वंचित करना' जैसे आरोप शामिल हैं।

'यह प्रक्रिया केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है'

विपक्षी दलों ने कई मौकों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी की मदद करने का आरोप लगाया है, खासकर मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर। उनका आरोप है कि यह प्रक्रिया केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है।

खास तौर पर पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई

खास तौर पर पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है। मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया है।मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने की प्रक्रिया महाभियोग है जो उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के न्यायाधीश को हटाने के लिए अपनाई जाती है। महाभियोग केवल सिद्ध कदाचार या अक्षमता के आधार पर ही लगाया जा सकता है। सीईसी को हटाने का प्रस्ताव संसद के किसी भी सदन में पेश किया जा सकता है और इसे पारित होने के लिए विशेष बहुमत की आवश्यकता होती है-सदन की कुल सदस्य संख्या का बहुमत और उपस्थित एवं मतदान करने वाले सदस्यों का दो-तिहाई बहुमत।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

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