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ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में विपक्ष; कल दे सकता है नोटिस, 102 सांसदों ने किए हस्ताक्षर

सोमवार शाम तक प्रस्ताव संबंधी नोटिस पर 102 सांसदों ने हस्ताक्षर कर दिए थे। हालांकि विपक्ष के एक प्रमुख दल तृणमूल कांग्रेस अभी तक इससे दूर है। उसके सदस्यों ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि कांग्रेस,समाजवादी पार्टी,द्रमुक और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं।

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ओम बिरला

Photo : PTI

संसद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को लेकर शुरू हुई सियासी रार थमने का नाम नहीं ले रही है। सत्र लगातार हंगामे के कारण बाधित हो रहा है। इस बीच, विपक्ष लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में है। दावा है कि लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को'बोलने की इजाजत नहीं देने'तथा कांग्रेस की महिला सांसदों के खिलाफ सदन में अनुचित स्थिति पैदा करने के आरोपों पर विपक्ष अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने संबंधी नोटिस मंगलवार को सौंप सकता है।

प्रस्ताव संबंधी नोटिस पर 102 सांसदों के हस्ताक्षर

सूत्रों ने बताया कि सोमवार शाम तक प्रस्ताव संबंधी नोटिस पर 102 सांसदों ने हस्ताक्षर कर दिए थे। हालांकि विपक्ष के एक प्रमुख दल तृणमूल कांग्रेस अभी तक इससे दूर है। उसके सदस्यों ने इस पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं। समाचार एजेंसी'पीटीआई-भाषा’ने विपक्ष के एक वरिष्ठ नेता के हवाले से बताया कि कांग्रेस,समाजवादी पार्टी,द्रमुक और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं।सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस के कई सांसदों के साथ ही सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी हस्ताक्षर किए हैं।

कल लोकसभा सचिवालय को सौंपा जा सकता है नोटिस

सूत्रों ने बताया कि संविधान के अनुच्छेद 94 (सी) के तहत यह प्रस्ताव संबंधी नोटिस मंगलवार को लोकसभा सचिवालय को सौंपा जा सकता है। नेता प्रतिपक्ष को 'बोलने की अनुमति नहीं दिए जाने',भाजपा सांसद निशिकांत दुबे द्वारा सदन में की गई टिप्पणियों को लेकर उन पर कार्रवाई शुरू नहीं करने और कांग्रेस की महिला सांसदों पर बिना साक्ष्य के आरोप लगाये जाने के मामले में अध्यक्ष के खिलाफ प्रस्ताव के लिए नोटिस देने पर विचार किया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि इस नोटिस पर अधिक से अधिक विपक्षी दलों के सांसदों के हस्ताक्षर लेने का प्रयास किया जा रहा है।

टीएमसी के रुख को लेकर असमंजस बरकरार

इस मामले पर तृणमलू कांग्रेस के रुख को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों ने बताया कि आज सुबह संसद परिसर में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कक्ष में हुई विपक्षी नेताओं की बैठक में, (लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ) अविश्वास प्रस्ताव लाने पर विचार किया गया। बैठक में तृणमूल कांग्रेस, वाम दल, द्रमुक, समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय जनता दल, शिवसेना (यूबीटी)और राकांपा (शरद गुट) सहित कुछ अन्य पार्टियों के नेताओं ने भी हिस्सा लिया।

कैसे शुरू हुआ गतिरोध

गौरतलब है कि बीते दो फरवरी को,राहुल गांधी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान पूर्व सेना प्रमुख एम एम नरवणे के अप्रकाशित संस्मरण से जुड़ा विषय उठाने पर सत्ता पक्ष ने इसका विरोध किया था। जिसके बाद ओम बिरला ने राहुल गांधी को इस विषय पर बोलने की अनुमति नहीं दी थी। वहीं, बाद में सदन की अवमानना के मामले में आठ विपक्षी सांसदों को भी निलंबित किया गया था। इन सब मुद्दों को लेकर सदन में लगातार गतिरोध की स्थिति बनी हुई है। विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में विपक्षी नेताओं को बोलने नहीं दिया जा रहा है, जबकि सत्तापक्ष के लोगों को कुछ भी बोलने की छूट दी गई है।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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