Trump Tariff : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए टैरिफ के खिलाफ विपक्षी दलों ने मोर्चा खोल दिया है। विपक्षी दल भारत सरकार से जवाबी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। भारत पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने गुरुवार को कहा कि 'यह पूरी तरह और स्पष्ट रूप से अमेरिका की ब्लैकमेलिंग है। हमें हैरानी हो रही है कि हम ऐसी स्थिति में पहुंच गए हैं जहां एक सुपरपावर हमें डरा-धमका रहा है।' तो माकपा सासंद पी संदोष कुमार ने कहा कि 'हमें जवाबी कार्रवाई करते हुए अमेरिका को जवाब देना चाहिए।'
यह स्पष्ट रूप से ब्लैकमेल है-खेड़ा
समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कांग्रेस नेता खेड़ा ने कहा, 'यह अमेरिका द्वारा किया गया सीधा और स्पष्ट रूप से ब्लैकमेल है। यह हैरानी की बात है कि हम ऐसे मुकाम पर पहुंच गए हैं जहां एक महाशक्ति हमें धमका सकती है। पिछले 11 वर्षों में हमारी विदेश नीति, कूटनीति, प्रधानमंत्री की विदेश यात्राएं, प्रवासी भारतीयों के कार्यक्रम...ये सब कुछ केवल प्रधानमंत्री की छवि को प्रोजेक्ट करने के लिए किया गया, न कि देश के हितों के लिए। और अब हम इसकी कीमत चुका रहे हैं। 11 साल की आत्म-प्रचार की राजनीति ने देश को नुकसान पहुंचाया है। हमें उम्मीद है कि ऐसा कोई समझौता न हो जो हमारे राष्ट्रीय हितों के खिलाफ हो।'
हमें इसका जवाब देना चाहिए-माकपा
तो वहीं, सीपीआई सांसद पी. संदोष कुमार ने कहा, 'मुझे लगता है कि ट्रंप का दूसरा कार्यकाल भारत का अपमान करने के लिए ही है। हमें इसका जवाब देना चाहिए और प्रतिशोध लेना चाहिए। देश के प्रधानमंत्री का 'X' पर चौथा सबसे बड़ा फॉलोइंग है। पहलगाम में जो हुआ उसके बाद भारत-पाकिस्तान युद्ध जैसी स्थिति बन गई थी। उसके बाद ट्रंप ने कुछ कहा, लेकिन उन्होंने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। दुनिया यह महसूस करती है, दूसरे देश भी यही महसूस करते हैं कि हमारे देश की नेतृत्व क्षमता बहुत कमजोर है। देश का हित सर्वोपरि है। इसलिए, इसका जवाब देना चाहिए, चर्चा होनी चाहिए।'
यह 'आर्थिक ब्लैकमेल' है-राहुल गांधी
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्रंप द्वारा भारत पर कुल 50 प्रतिशत का शुल्क लगाए जाने की घोषणा के बाद बुधवार को कहा कि यह 'आर्थिक ब्लैकमेल' है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपनी 'कमजोरी' भारतीय हितों पर हावी नहीं होने देना चाहिए। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, 'ट्रंप का 50 प्रतिशत टैरिफ आर्थिक ब्लैकमेल है। अनुचित व्यापार समझौते के लिए भारत को धमकाने का एक प्रयास है।' उन्होंने कहा कि बेहतर होगा कि प्रधानमंत्री मोदी अपनी कमजोरी को भारतीयों के हितों पर हावी न होने दें।
टैरिफ 'अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण'
भारत ने भारतीय वस्तुओं पर 25 फीसदी अतिरिक्त शुल्क (टैरिफ) लगाने के अमेरिका के कदम को बुधवार को 'अनुचित, अन्यायपूर्ण और अविवेकपूर्ण' करार दिया। नई दिल्ली की यह तीखी प्रतिक्रिया अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर करने के कुछ देर बाद आई, जिसके तहत पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत के रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखने का हवाला देते हुए भारतीय वस्तुओं पर नया शुल्क लगाने की बात कही गई है। इससे मॉस्को के साथ नयी दिल्ली के ऊर्जा संबंधों को लेकर दोनों रणनीतिक साझेदारों के बीच तनाव बढ़ने के संकेत मिलते हैं।
