देश

सभापति और जया बच्चन के बीच नोकझोंक पर क्या बोले विपक्षी नेता? अविश्वास प्रस्ताव पर दिए संकेत!

Rajya Sabha: राज्यसभा में शुक्रवार को जया बच्चन और सभापति धनखड़ के बीच कहासुनी होने के बाद विपक्षी नेताओं ने बयान दिया है। इस पर कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि विपक्ष के प्रति ठीक रवैया नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर भी संकेत दिया है।

Image

सभापति और जया बच्चन।

Photo : IANS

राज्यसभा में शुक्रवार को सभापति जगदीप धनखड़ और जया बच्चन के बीच नोकझोंक देखने को मिली। इस पर कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि आज राज्यसभा में जो भी हुआ वह अप्रत्याशित था और विपक्ष को ऐसा लगा की सभापति का पक्षपात रवैया है। राज्यसभा जो पूरे देश में ऐसा सदन है जो कि मापदंड तय करता है कि पूरे देश में काम कैसे किया जाए। उन्होंने कहा कि सिर्फ कांग्रेस को ही नहीं, बल्कि पूरे विपक्ष को ऐसा महसूस हुआ है कि पक्षपात होता है। विपक्ष का जो भूमिका होनी चाहिए, वह देखने को नहीं मिल रही है।

क्या बोले प्रमोद तिवारी?

वहीं, इस पर प्रमोद तिवारी ने कहा कि ये संसदीय परंपरा, नजीर और आश्वासन है कि विरोधी पार्टी के नेता जब भी सदन में अपनी बात रखना चाहे तो उन्हें तरजीह दी जाती है, लेकिन काफी दिनों ने हमारे नेता दल जिनका 50 साल का अनुभव और उनका उद्देश्य गरीबों, पीड़ितों और पिछड़ों की आवाज उठाना है, उनका माइक बंद कर दिया जाता है। वह अपनी बात रख नहीं पाते और माइक बंद हो जाता है।

घनश्याम तिवारी ने दिया बड़ा बयान

इसके अलावा घनश्याम तिवारी ने कहा कि माननीय नेता के लिए जिन शब्दों का चयन किया वह अपमानजनक और अस्वीकार्य थी। हमने इसको लेकर विशेषाधिकार का नोटिस भी दिया और जानना चाहा कि उसका जवाब क्या आया, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। उन्होंने कहा कि जया बच्चन ने भी यही कहा कि अपने कर्तव्यों के समय भाव भंगिमा को देखा जाए। अगर हमें अपने संवैधानिक कर्तव्यों का पालन नहीं करने दिया जा रहा है। पूरा विपक्ष तानाशाही के खिलाफ है और हम लड़ाई लड़ेंगे।

अविश्वास प्रस्ताव पर क्या बोले अजय माकन?

राज्यसभा में विपक्ष के साथ पक्षपात के आरोप पर विपक्ष अविश्वास प्रस्ताव लेकर आ सकती है। इस सवाल पर कांग्रेस राज्यसभा सांसद अजय माकन ने कहा कि हमारे पास सारे विकल्प खुले हुए हैं। रुल बुक के मुताबिक जो भी होगा हम करेंगे।

Ranjeeta Jha
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!