Opposition Protests in Parliament : अडानी मामले को लेकर विपक्ष ने गुरुवार को संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, सांसद प्रियंका गांधी सहित विपक्ष के अन्य नेता शामिल हुए। विपक्ष के नेताओं ने काले जैकेट पहनकर नारेबाजी की। इस जैकेट पर लिखा था 'अडानी और मोदी' एक हैं। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि अडानी पर लगे आरोपां की जांच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं कराएंगे। संसद में विरोध प्रदर्शन को लेकर विपक्ष में फूट भी नजर आई। समाजवादी पार्टी के सांसद राजीव राय ने कहा कि हमें इस विरोध प्रदर्शन में नहीं बुलाया गया। संभल का मुद्दा अडानी मुद्दे से ज्यादा बड़ा है। संभल मुद्दे पर कांग्रेस ने सपा का साथ नहीं दिया।
मोदी-अडानी एक हैं-राहुल गांधी
कांग्रेस की अगुवाई वाले इस प्रदर्शन में सपा के साथ तृणमूल कांग्रेस भी शामिल नहीं हुई। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत में राहुल गांधी ने कहा कि 'मोदी जी अडानी की जांच नहीं करा सकते क्योंकि यदि वह ऐसा कराते हैं तो उनकी भी जांच होगी। मोदी और अडानी एक हैं। दो नहीं एक हैं।'
विपक्ष के इस प्रदर्शन पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि वे अयोध्या की परिक्रमा करें तो तर जाएं।
अदाडी की गिरफ्तारी की मांग
कांग्रेस के संगठन महासचिव के सी वेणुगोपाल ने कहा, ‘अमेरिकी अदालत ने कह दिया है कि भारत में भ्रष्टाचार हुआ है, लेकिन सरकार संसद में चर्चा करने को तैयार नहीं हैं। अदाणी का नाम लेने पर हमारा मुंह बंद करा दिया जाता है। इसलिए हम विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।’रिश्वतखोरी और धोखाधड़ी के आरोपों में अदाणी समूह के प्रमुख गौतम अदाणी और कंपनी के अन्य अधिकारियों पर अमेरिकी अभियोजकों द्वारा अभियोग लगाए जाने के बाद कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दल संयुक्त संसदीय समिति से आरोपों की जांच कराए जाने की मांग कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में इस मामले को लेकर उद्योगपति गौतम अदाणी की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की थी।
संसद के प्रवेश द्वार को अवरुद्ध नहीं करना चाहिए-बिरला
कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और कुछ अन्य दलों के सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारे लगाए और जवाबदेही तय किए जाने की मांग की। विपक्षी सांसदों ने बृहस्पतिवार को संसद भवन के ‘मकर द्वार’ से थोड़ी दूरी पर एकत्र होकर प्रदर्शन किया। संसद परिसर में विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन की पृष्ठभूमि में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बुधवार को सदन में कहा था कि सदस्यों को संसद के प्रवेश द्वार को अवरुद्ध नहीं करना चाहिए।
