Operation Sagar Bandhu: श्रीलंका में भीषण बाढ़ से पैदा हुए गंभीर हालात के बीच भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत अपनी तेज और मानवीय प्रतिक्रिया का एक और प्रभावी उदाहरण पेश किया है। भारतीय सेना की विशेष टीम ने सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र में एक पूरी तरह कार्यशील फील्ड हॉस्पिटल स्थापित कर लिया है, जहां अब तक 5,000 से अधिक लोगों को जीवनरक्षक चिकित्सा सहायता मिल चुकी है।
कोलंबो पहुंचने के बाद दल ने 18 घंटे की कठिन यात्रा कर बाढ़ग्रस्त इलाके तक पहुंच बनाई। वहां उन्हें टूटी सड़कों, बिजली-पानी की कमी और लगभग ठप संचार नेटवर्क जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन भारतीय इंजीनियरों, डॉक्टरों और सपोर्ट स्टाफ ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर रातभर काम करते हुए अस्पताल तैयार कर दिया।
कुछ ही घंटों में स्टरलाइज्ड ऑपरेशन थिएटर तैयार
राहत कार्यों को तेज करने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया। ड्रोन सर्वे के जरिए अस्पताल के लेआउट की प्लानिंग की गई, जबकि HVAC-युक्त मेडिकल टेंट में कुछ ही घंटों में स्टरलाइज्ड ऑपरेशन थिएटर तैयार कर दिया गया। इसके साथ एक्स-रे, लैब, डेंटल यूनिट और कई स्पेशियलिटी OPDs भी शुरू की गईं।
पोर्टेबल जनसेट्स के माध्यम से अस्पताल को लगातार बिजली उपलब्ध कराई गई, जिससे सर्जरी और क्रिटिकल केयर बिना बाधा चल सके। भारतीय सेना के सिग्नल डिटैचमेंट ने एक क्षतिग्रस्त ऑप्टिकल फाइबर केबल को भी ठीक किया, जिससे स्थानीय मोबाइल नेटवर्क बहाल हुआ और लोगों को बड़ी राहत मिली। इसके अलावा पीने का पानी, स्वच्छता सहायता तथा अन्य मानवीय सामग्री भी लगातार उपलब्ध कराई जा रही है।
- 18 घंटे की कठिन यात्रा के बाद भारतीय सेना की टीम बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में पहुंची और सीमित संसाधनों के बावजूद अस्पताल खड़ा किया।
- उन्नत तकनीकों—ड्रोन सर्वे, HVAC मेडिकल टेंट, पोर्टेबल जनसेट की मदद से OT, लैब, X-ray और OPDs तुरंत चालू किए गए।
- 5,000+ मरीजों का इलाज, मोबाइल नेटवर्क बहाली, पीने का पानी और अन्य मानवीय सहायता—सेना का व्यापक राहत अभियान जारी।
लगातार राहत कार्यों में जुटी है मोडिकल टास्क फोर्स
85 सदस्यीय मेडिकल टास्क फोर्स, जिसमें डॉक्टर, सर्जन, नर्सिंग स्टाफ, इंजीनियर, सिग्नलर और लॉजिस्टिक्स टीमें शामिल हैं। लगातार राहत कार्यों में जुटी है। श्रीलंका में यह मदद भारत की दीर्घकालिक और विश्वसनीय HADR (Humanitarian Assistance and Disaster Relief) क्षमता का हिस्सा है। इससे पहले भी भारत ने मालदीव, मेडागास्कर, मॉरीशस, नेपाल भूकंप, यमन से ऑपरेशन राहत, तुर्की-सिरिया भूकंप में ऑपरेशन दोस्त और कोविड काल में ‘वैक्सीन मैत्री’ के तहत कई देशों को सहायता प्रदान की है।
‘ऑपरेशन सागर बंधु’ यह स्पष्ट दर्शाता है कि भारत केवल रणनीतिक साझेदार ही नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं पर आधारित एक विश्वसनीय पड़ोसी भी है। संकट की घड़ी में जहां ज़रूरत, वहीं भारत, यही भारत की नेबरहुड-फर्स्ट नीति का मूल भाव है।
