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Wolf Terror: बहराइच में पकड़ा गया सबसे खूंखार लंगड़ा भेड़िया, गन्ने के खेत में छिपा था आदमखोर, पिंजरे में कैद-Video

Wolf Terror:बहराइच में दहशत का पर्याय बन चुके भेड़ियों को पकड़ने में सफलता मिली है। रेस्क्यू टीम ने एक आदमखोर भेड़िये को पकड़ा है। इस भेड़िये को सिसैया इलाके से पकड़ा गया है। वन विभाग का कहना है कि इलाके में छह भेड़ियों का एक झुंड है जो बच्चों को अपना निशाना बनाकर दहशत फैलाए हुए है। अब तक चार भेड़ियों को पकड़ा जा चुका है, दो की तलाश जारी है।

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बहराइच में पकड़ा गया चौथा भेड़िया।

KEY HIGHLIGHTS
  • खूंखार भेड़ियों को पकड़ने में जुटी वन विभाग की टीम को मिली बड़ी सफलता
  • चौथा आदमखोर भेड़िये को गन्ने के खेत से पकड़ा गया, 3 पहले पकड़े जा चुके हैं
  • बताया जा रहा है कि झुंड के अभी दो भेड़िये पकड़ से बाहर हैं, उनकी तलाश जारी

Wolf Terror: बहराइच में दहशत का पर्याय बन चुके भेड़ियों को पकड़ने में सफलता मिली है। रेस्क्यू टीम ने एक आदमखोर भेड़िये को पकड़ा है। इस भेड़िये को नदी के किनारे गन्ने के एक खेत से पकड़ा गया। यह नर भेड़िया है। इसे पकड़कर पिंजरे में कैद किया गया है। रेस्क्यू टीम ने इसे महसी इलाके में पकड़ा। बताया जाता है कि जो भेड़िया पकड़ा गया है, वह लंगड़ा है लेकिन सबसे ज्यादा खूंखार यही था। 48 दिनों से इसने कई गांवों में आतंक मचा रखा था। इन भेड़ियों की दहशत से इलाके के 30 से 35 गांव में दहशत में हैं। बताया जा रहा है कि जिस पांच साल के बच्चे को भेड़िया खींचकर ले गया, वह यही भेड़िया था।

चार भेड़ियों के झुंड ने मचा रखी थी दहशत

वन विभाग की टीम जो भेड़ियों को पकड़ने में जुटी है, उसका कहना है कि यह लंगड़ा भेड़िया जंगल में अपना नेचुरल शिकार नहीं कर पा रहा था, इसलिए उसने अपने शिकार का चेन तोड़ते हुए गांवों की तरफ रुख किया और बच्चों को निशाना बनाना शुरू किया। बताया जा रहा है कि यह चौथा भेड़िया है जिसे पकड़ा गया है। वन विभाग के मुताबिक यह चार भेड़ियों का झुंड था, जो 8 बच्चों सहित 9 लोगों का शिकार कर चुका था।

पकड़ने में वन विभाग की 25 टीमें लगीं

वन विभाग का कहना है कि इलाके में छह भेड़ियों का एक झुंड है जो बच्चों को अपना निशाना बनाकर दहशत फैलाए हुए है। अब तक चार भेड़ियों को पकड़ा जा चुका है, दो की तलाश जारी है। बता दें कि इन आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने के लिए वन विभाग की 25 टीमें लगी हुई हैं।

वन राज्य मंत्री ने किया दौरा

बहराइच की महसी तहसील में आतंक का पर्याय बने आदमखोर भेड़ियों के हमलों से ग्रामीणों को बचाने की कवायद के बीच उत्तर प्रदेश के वन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण सक्सेना ने बुधवार पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और बचाव अभियान के विषय में अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। सिसैया चूड़ामणि के मजरा कोलैला गांव में पहुंचे वन मंत्री ने संवाददाताओं से कहा, 'भेड़ियों से जनता को बचाने में अनेक विभाग लगे हुए हैं। समस्या का समाधान जल्द होगा और तब तक हमने लोगों से लाठी-डंडे लेकर घरों में दरवाजे बंद कर सोने की अपील की है। जिन घरों में शौचालय या दरवाजे नहीं हैं उनके लिए सरकार की ओर से इसका इंतजाम किया जा रहा है।'

'इंसानी बच्चों के लिए काल बन गया'

भेड़ियों को पकड़ने के अभियान के नोडल अधिकारी बाराबंकी के प्रभागीय वन अधिकारी आकाशदीप बधावन ने कहा, 'शायद एक लंगड़े भेड़िए की आदत बिगड़ने से भेड़ियों का झुंड महसी क्षेत्र के इंसानी बच्चों के लिए काल बन गया इंसानी बच्चों के लिए काल बन गया है। अभी हमने जो पद चिन्ह के नमूने लिए हैं उनके मुताबिक बाकी बचे तीन में से एक भेड़िया सम्भवत: लंगड़ा है। इस कारण वह ठीक से चल नहीं पा रहा है और शिकार में असमर्थ लग रहा है। संभवतः इसीलिए वह आसान एवं कमजोर शिकार तलाशता है और घात लगाकर अकेले होने पर छोटे बच्चों को निशाना बनाता है।'

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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