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वायु सेना दिवस: 'सटीक हमलों से PAK के नापाक हरकत को दिया करारा जवाब', ऑपरेशन सिंदूर पर बोले IAF चीफ

एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा, 'भारतीय वायु सेना राष्ट्र के आह्वान पर सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाली रही है और आगे भी रहेगी।' वायुसेना प्रमुख ने भी शहीद नायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय वायुसेना बुधवार को हिंडन एयरबेस पर वायुसेना दिवस मनाएगी। बल की आधिकारिक स्थापना आठ अक्टूबर, 1932 को हुई थी।

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एयर चीफ मार्शल एपी सींह। तस्वीर-ANI

Photo : ANI

Air Force day: 93वें वायु सेना दिवस के मौके पर एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर एक महत्वपूर्ण घटना है जिसने भारतीय वायु सेना की सटीकता, ताकत और एकजुटता प्रदर्शित करते हुए पाकिस्तान के 'नापाक' एवं कायराना हरकत का करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा, 'ऑपरेशन सिंदूर स्पष्ट उच्चतर दिशा-निर्देशों, हमारी स्वदेशी क्षमता और सभी रक्षा बलों के बीच प्रभावी सामंजस्य और संयुक्त कौशल का एक शानदार उदाहरण है।'

'आसमान की रक्षा करना जारी रखेगी IAF'

उन्होंने कहा, 'भारतीय वायु सेना अपनी क्षमताओं को बढ़ाकर, नवाचार को अपनाकर और व्यावसायिकता के उच्चतम मानकों को कायम रखते हुए हमारे देश के आसमान की रक्षा करना जारी रखेगी।' पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए हमले के जवाब में, भारत ने सात मई को ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया, जिसमें पाकिस्तान के नियंत्रण वाले क्षेत्रों में आतंकवादी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया।

भारत-पाक के बीच 4 दिनों तक भीषण संघर्ष चला

इन हमलों के कारण चार दिनों तक भीषण संघर्ष चला, जो 10 मई को सैन्य कार्रवाई रोकने पर सहमति के साथ समाप्त हुआ। अपने वक्तव्य में एयर चीफ मार्शल ने कहा कि उनके बल की सर्वोच्च प्राथमिकता भारत की अखंडता और संप्रभुता की रक्षा करना है। उन्होंने कहा, 'लड़ाकू भूमिका से आगे बढ़कर भारतीय वायुसेना हमेशा लोगों के साथ खड़ी रही है, बाढ़, आपदाओं के दौरान लोगों की जान बचाई है और संघर्ष क्षेत्रों से नागरिकों को निकाला है, जैसा कि ऑपरेशन सिंधु और ऑपरेशन ब्रह्मा के दौरान प्रदर्शित किया गया।'

उन्होंने कहा, 'भारतीय वायु सेना राष्ट्र के आह्वान पर सबसे पहले प्रतिक्रिया देने वाली रही है और आगे भी रहेगी।' वायुसेना प्रमुख ने भी शहीद नायकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। भारतीय वायुसेना बुधवार को हिंडन एयरबेस पर वायुसेना दिवस मनाएगी। बल की आधिकारिक स्थापना आठ अक्टूबर, 1932 को हुई थी।

परेड में 6 यूनिट्स को सम्मानित किया जाएगा

वायुसेना प्रमुख का आगमन एक Ford Galaxy Ltd हेरिटेज कार में होगा। यह वही शैली थी जिससे पहले वायुसेना प्रमुख पी.सी. लाल ने प्रवेश किया था, परंपरा और गौरव का प्रतीक।

  1. 43 स्क्वाड्रन 'Ibexes'
  2. 17 स्क्वाड्रन 'Golden Arrows'
  3. Rafale 2601 Trio Formation
  4. 222 स्क्वाड्रन 'Tigers' (Su-30)
  5. 7 BRD (Base Repair Depot)
  6. 2232 स्क्वाड्रन 'Castral'

इन सभी यूनिट्स को उत्कृष्ट सेवा और अद्वितीय प्रदर्शन के लिए वायुसेना प्रमुख प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाएगा।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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