Delhi Bar Association: दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में महिलाओं के लिए आरक्षण देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश आया है। अब सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन चुनाव के तर्ज पर ही दिल्ली हाईकोर्ट बार एसोसिएशन के चुनाव में भी महिला वकीलों को एक तिहाई से ज्यादा सीटों पर आरक्षण मिलेगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का असर अब जिला अदालतों के बार चुनाव में भी दिख सकता है।
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि DHCBA की आम सभा की बैठक जल्द से जल्द आयोजित की जाए और इसमें 10 दिन से अधिक समय नहीं लिया जाए। कोषाध्यक्ष का पद महिला सदस्यों के लिए आरक्षित करने की वांछनीयता पर विचार किया जाएगा। कोषाध्यक्ष का पद आरक्षित करने के अलावा महिला सदस्यों के लिए बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों का एक और पद आरक्षित करने पर भी विचार हो सकता है।
इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया कि कार्यकारी समिति के 10 सदस्यों में से कम से कम 3 महिला सदस्य होनी चाहिए। जीबीएम यह भी विचार कर सकती है कि कार्यकारी समिति की तीन महिला सदस्यों में से कम से कम एक सीनियर नामित वकील हो। जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस उज्जल भुइयां की पीठ दिल्ली के बार निकायों में महिला वकीलों के लिए आरक्षण की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई की।
