संसद में ई-सिगरेट के इस्तेमाल से जुड़े विवाद, केंद्रीय बजट की तारीख और संसदीय मर्यादा को लेकर लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने सख्त और स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने दो टूक कहा है कि संसद की गरिमा के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।
लोकसभा स्पीकर ने स्पष्ट किया कि संसद परिसर में ई-सिगरेट के इस्तेमाल के मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और जांच पूरी होते ही उचित कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और उसकी मर्यादा बनाए रखना हर सांसद और आगंतुक की जिम्मेदारी है।
ई-सिगरेट मामले पर सख्त रुख
ओम बिरला ने कहा कि संसद परिसर में किसी भी तरह के प्रतिबंधित पदार्थ का उपयोग नियमों का उल्लंघन है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि संसदीय गरिमा से समझौते का कोई सवाल ही नहीं उठता और अनुशासन पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी।
1 फरवरी को ही आएगा केंद्रीय बजट
केंद्रीय बजट की तारीख को लेकर चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए लोकसभा स्पीकर ने स्पष्ट कर दिया कि वर्ष 2026 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी को ही पेश किया जाएगा, भले ही वह दिन रविवार क्यों न हो। उन्होंने कहा कि संसदीय परंपराओं और नियमों का पूरी तरह पालन किया जाएगा और इसमें कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।
16 साल बाद भारत करेगा स्पीकर्स सम्मेलन की मेजबानी
इसी बीच भारत 16 साल बाद एक बार फिर कॉमनवेल्थ प्रिसाइडिंग ऑफिसर्स कॉन्फ्रेंस (CPOC) की मेजबानी करने जा रहा है। यह सम्मेलन 14 से 16 जनवरी तक पुराने संसद भवन परिसर में आयोजित होगा। इसमें राष्ट्रमंडल के 56 में से 43 देश हिस्सा ले रहे हैं।
हालांकि पाकिस्तान इस सम्मेलन में भाग नहीं ले रहा है, जबकि बांग्लादेश में वर्तमान में संसद न होने के कारण वहां से कोई प्रतिनिधिमंडल नहीं आ रहा है।
AI, डिजिटल संसद और जवाबदेही पर मंथन
तीन दिवसीय इस सम्मेलन में संसद में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल, डिजिटल संसद, सांसदों की जवाबदेही, और लोकतांत्रिक संस्थाओं को और मजबूत बनाने जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी। 15 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस सम्मेलन का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, कनाडा और मालदीव जैसे प्रमुख देशों की भागीदारी इसे कूटनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण बना रही है।
लोकसभा स्पीकर ने कहा कि यह सम्मेलन भारत को एक डिजिटल, आधुनिक और सशक्त लोकतंत्र के रूप में वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर है।
