Bengal MLA Orientation: पश्चिम बंगाल विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायकों को विधायी कामकाज और सदन की मर्यादा सिखाने के लिए कोलकाता में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
लोकसभा सचिवालय की पहल पर आयोजित इस ओरिएंटेशन प्रोग्राम को संबोधित करने के लिए खुद लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला कोलकाता पहुंचे। अपने संबोधन में उन्होंने विधायकों को लोकतंत्र के बुनियादी सिद्धांतों की याद दिलाई और राजनीति से ऊपर उठकर जनहित में काम करने का मंत्र दिया।
ओम बिरला ने बताया ऐतिहासिक
सदन के भीतर आए जनसांख्यिकीय बदलाव को रेखांकित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, "जनता ने आप सभी को बहुत बड़ी उम्मीदों और आकांक्षाओं के साथ चुनकर इस पवित्र सदन में भेजा है। मुझे यह जानकर बेहद खुशी हो रही है कि इस बार पश्चिम बंगाल विधानसभा में 181 विधायक ऐसे हैं, जो पहली बार चुनाव जीतकर आए हैं। यह अपने आप में ऐतिहासिक है।
इसके साथ ही सदन के 194 विधायकों की उम्र 25 से 55 वर्ष के बीच है, जो युवाओं की मजबूत भागीदारी को दर्शाता है।" उन्होंने कहा कि सभी विधायकों को संसदीय परंपराओं का सम्मान करते हुए राज्य के विकास में अपना योगदान देना चाहिए और सदन की चर्चाओं का स्तर ऐसा होना चाहिए जो केवल आलोचनाओं तक सीमित न रहकर समाधान की तरफ बढ़े।
सत्ता पक्ष-विपक्ष के नेताओं ने रखे अपने विचार
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में दलीय सीमाओं को भुलाकर सत्तापक्ष और विपक्ष, दोनों के ही विधायकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) की वरिष्ठ नेता रूपा गांगुली ने कार्यक्रम के दौरान विधानसभा के आधुनिकीकरण और कामकाज में पारदर्शिता लाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि पहले की व्यवस्थाओं में कई बार जनता और विपक्ष को यह पता ही नहीं चल पाता था कि सदन के भीतर कौन से बिल पास हो रहे हैं, इसलिए अब संसद की तर्ज पर यहां भी पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए। बीजेपी विधायक रुद्रनील घोष ने भी इस सत्र की सराहना करते हुए कहा कि चाहे सत्तापक्ष हो या विपक्ष, दोनों को ही सदन के भीतर शिष्ट आचरण की पूरी जानकारी होनी चाहिए।
वहीं राज्य सरकार के मंत्री दीपक बर्मन ने देश के अनुभवी सांसदों और पूर्व विधानसभा अध्यक्षों द्वारा दिए जा रहे इस प्रशिक्षण को सभी नए सदस्यों के लिए बेहद फायदेमंद बताया। सत्ताधारी दल तृणमूल कांग्रेस (TMC) की विधायक अलीफा अहमद ने इस आयोजन का स्वागत करते हुए कहा कि इससे उन्हें जनता की सेवा और बेहतर ढंग से करने की सीख मिलेगी। साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति अपनी अटूट निष्ठा दोहराते हुए कहा कि उनके लिए 'दीदी' ही एकमात्र नेता हैं। टीएमसी के ही एक अन्य विधायक बाबर अली ने भी प्रशासनिक दस्तावेजों को चुनाव आयोग के समक्ष समय पर जमा करने की बात कही।
