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TMC कोई राजनीतिक पार्टी नहीं, लुटेरों का गिरोह है, इसमें 'दीदी' और उनके भतीजे के अलावा कोई नहीं बचेगा, बोले दिलीप घोष

दिलीप घोष ने कहा कि टीएमसी अब उन विधायकों को निलंबित और निष्कासित करने के लिए मजबूर है जो राज्य विधानसभा में उपस्थित नहीं होते या अपने ही नेता द्वारा बुलाई गई बैठकों में भाग नहीं लेते।

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दिलीप घोष का ममता पर निशाना

Photo : ANI

Dilip Ghosh: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा अपने भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर भीड़ के हमले और विधायकों के निलंबन विवाद के बाद लगाए गए आरोपों पर बंगाल के मंत्री दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी ने अपने विधायकों की बैठक बुलाई, लेकिन प्रतिनिधि इसमें शामिल होने से साफ इनकार कर रहे हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने पद की शपथ भी ली है या नहीं। पार्टी अब उन विधायकों को निलंबित और निष्कासित करने के लिए मजबूर है जो राज्य विधानसभा में उपस्थित नहीं होते या अपने ही नेता द्वारा बुलाई गई बैठकों में भाग नहीं लेते।

गठबंधन पूरी तरह से अवसरवाद से प्रेरित: दिलीप घोष

किस तरह की राजनीतिक पार्टी इस आधार पर काम करती है? उनका गठबंधन पूरी तरह से अवसरवाद से प्रेरित है, वे पार्टी के साथ तभी तक हैं जब तक वह सत्ता में है। देखिए उनके पार्टी कार्यालयों से क्या-क्या सामने आ रहा है। चालीस बैरल तेल जब्त किया गया है। पांच साल पहले आपदा प्रबंधन के लिए भेजी गई राहत सामग्री सीधे टीएमसी विधायकों और नगर पार्षदों के कार्यालयों से बरामद की जा रही है। यह कोई राजनीतिक पार्टी नहीं है; यह लुटेरों का गिरोह है। पार्टी में 'दीदी' (ममता बनर्जी) और उनके भतीजे (अभिषेक बनर्जी) के अलावा कोई नहीं बचेगा।

'फर्जी हस्ताक्षर' मामले में फंसी टीएमसी

'फर्जी हस्ताक्षर' मामले में तृणमूल कांग्रेस से दो विधायकों को निष्कासित किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी घटनाक्रम काफी तेज हो गए हैं। सूत्रों का कहना है कि निष्कासित विधायकों ऋतब्रत बनर्जी और संदीपन साहा ने सोमवार देर रात टीएमसी के कई विधायकों के साथ गोपनीय मुलाकात की। सूत्रों का कहना है कि 15 से 20 विधायक ऋतब्रत और संदीपन के संपर्क में हैं। बता दें कि तृणमूल कांग्रेस ने कथित पार्टी विरोधी गतिविधियों को लेकर अपने दो विधायकों, संदीपन साहा और रीताब्रत बनर्जी को सोमवार को निष्कासित कर दिया।

तृणमूल कांग्रेस में चौड़ी होने लगी है दरार

इस कार्रवाई से विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के एक महीने से भी कम समय के भीतर ही तृणमूल कांग्रेस के विधायी इकाई के भीतर स्पष्ट दरारें सामने आ गई हैं। इस निष्कासन आदेश से कुछ ही मिनट पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय में संवाददाता सम्मेलन के दौरान कहा था कि दो विधायकों ने राज्य विधानसभा में 'फर्जी हस्ताक्षर’ के संबंध में शिकायतें दर्ज कराई है। यह मामला तृणमूल कांग्रेस द्वारा शोभनदेब चट्टोपाध्याय को नेता प्रतिपक्ष के रूप में समर्थन दिए जाने के पत्र से जुड़ा है।

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Amit Mandal
अमित कुमार मंडल author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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