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'बंगाल में डिटेंशन सेंटर की जरूरत नहीं, बांग्लादेशी जिस रास्ते आए, उसी रास्ते वापस भेजेंगे', अवैध घुसपैठ पर बोले सुवेंदु

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर का विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा है कि मतदाता सूची से अगर एक भी पात्र वोटर का नाम कटा तो वह इसके खिलाफ वह धरने पर बैठ जाएंगी। भाजपा का आरोप है कि अपना वोट बैंक बचाने के लिए ममता अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण दे रही हैं। बंगाल में अगले साल यानी 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं।

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पश्चिम बंगाल में अगले साल होंगे विधानसभा चुनाव। तस्वीर-PTI

Photo : PTI

Suvendu Adhikari : अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों पर पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने बड़ा बयान दिया है। अधिकारी ने शुक्रवार को कोलकाता में कहा कि बंगाल में डिटेंशन सेंटर की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि वे लोग अवैध घुसपैठिए को उसी रास्ते वापस भेज देंगे जिस रास्ते वह आया है। भाजपा नेता ने कहा कि पश्चिम बंगाल में केवल भारत के नागरिक रहेंगे चाहे वे हिंदू हो या मुस्लिम। बांग्लादेशी मुस्लिमों को हम यहां रहने नहीं देंगे। इसलिए यहां किसी डिटेंशन सेंटर की जरूरत नहीं है।

बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अधिकारी शुरू से ही आक्रामक रहे हैं। अभी देश के 12 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण चल रहा है। बताया जा रहा है कि इस दौरान अवैध घुसपैठियों की पहचान होगी और फिर उन्हें डिटेंशन सेंटर में रखा जाएगा। डिटेंशन सेंटर में रखे जाने के बाद से ही कोलकाता सहित बंगाल के कई इलाकों से अवैध बांग्लादेशी नागरिक वापस जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में भी अवैध घुसपैठियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है।

SIR का विरोध कर रहीं ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर का विरोध कर रही हैं। उन्होंने कहा है कि मतदाता सूची से अगर एक भी पात्र वोटर का नाम कटा तो वह इसके खिलाफ वह धरने पर बैठ जाएंगी। भाजपा का आरोप है कि अपना वोट बैंक बचाने के लिए ममता अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों को संरक्षण दे रही हैं। बंगाल में अगले साल यानी 2026 में विधानसभा चुनाव होने हैं। राज्य में इस बार मुख्य मुकाबला भाजपा और टीएमसी के बीच है और एसआईआर को लेकर दोनों ही पार्टियां आमने-सामने हैं।

SIR को लेकर ममता ने शाह पर बोला हमला

एसआईआर को लेकर ममता बनर्जी ने गुरुवार को गृह मंत्री अमित शाह पर हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग मतदाता सूचियों के एसआईआर का इस्तेमाल 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले बंगाल के लाखों पात्र मतदाताओं के नाम गैरकानूनी तरीके से हटाने के लिए कर रहे हैं। नदिया जिले के कृष्णानगर में एक रैली को संबोधित करते हुए बनर्जी ने आरोप लगाया कि शाह मतदाता सूचियों से ‘डेढ़ करोड़ नाम’ हटाने की कोशिशों को सीधे तौर पर निर्देशित कर रहे हैं। ममता ने चेतावनी दी कि अगर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान एक भी पात्र मतदाता का नाम हटाया गया, तो वह अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगी।

बंगाल में कोई डिटेंशन सेंटर नहीं बनेगा-ममता

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा, ‘देश का गृहमंत्री खतरनाक है। उनकी आंखों में यह साफ दिखता है। एक आंख में ‘दुर्योधन’ दिखता है, और दूसरी में ‘दु:शासन’।’ बनर्जी ने आरोप लगाया कि 2026 के विधानसभा चुनावों से कुछ महीने पहले एसआईआर का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार के रूप में किया जा रहा है। उन्होंने कहा, ‘वे वोटों के लिए इतने भूखे हैं कि उन्होंने अब एसआईआर शुरू कर दिया है। अगर किसी पात्र व्यक्ति का नाम कट जाता है तो मैं तब तक धरना दूंगी, जब तक नाम जुड़ नहीं जाता। पश्चिम बंगाल में कोई निरुद्ध केंद्र नहीं बनेगा।’

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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