त्योहारों के दौरान रेलवे स्टेशनों पर बढ़ने वाली भारी भीड़ को संभालने के लिए भारतीय रेल ने 9 जोन में 138 स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है, जिनके तहत कुल 650 ट्रिप्स को मंजूरी दी गई है। इनमें से अब तक 244 ट्रिप्स को अधिसूचित किया जा चुका है। रेल मंत्रालय के अनुसार, यह विशेष संचालन यात्रियों को भीड़ से राहत, बेहतर सीट उपलब्धता और आरामदायक सफर सुनिश्चित करेगा, ताकि लोग बिना किसी तनाव के क्रिसमस और न्यू ईयर का जश्न मना सकें।
पश्चिम रेलवे सबसे आगे, सेंट्रल रेलवे भी सक्रिय
स्पेशल ट्रेनों के संचालन में पश्चिम रेलवे (WR) सबसे आगे है। 26 स्पेशल ट्रेनें, 226 स्वीकृत ट्रिप्स, जिनमें से 72 ट्रिप्स अधिसूचित हैं।
वहीं सेंट्रल रेलवे (CR) 18 ट्रेनें, 18 स्वीकृत ट्रिप्स, 76 ट्रिप्स पहले ही अधिसूचित है।
इसके अलावा दक्षिण मध्य, दक्षिण पूर्व मध्य, उत्तर, उत्तर पश्चिम, उत्तर पूर्व और पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे भी इस विशेष अभियान में पूरी तरह जुटे हुए हैं।
क्रिसमस–न्यू ईयर 2025–26: ज़ोन-वाइज स्पेशल ट्रेनों का पूरा ब्योरा
सेंट्रल रेलवे (CR)1811876
उत्तर रेलवे (NR)186608
पश्चिम रेलवे (WR)2622672
दक्षिण मध्य रेलवे (SCR)263426
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (SECR)128224
दक्षिण पश्चिम रेलवे (SWR)204228
उत्तर पश्चिम रेलवे (NWR)147206
उत्तर पूर्व रेलवे (NER)020600
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (NFR)020404
कुल 138650244
मुंबई–गोवा, दिल्ली–हावड़ा और दक्षिण भारत के लिए खास इंतजाम
त्योहारी सीजन में सबसे ज्यादा मांग वाले मुंबई–गोवा (कोंकण) रूट पर CSMT/LTT से करमाली और मडगांव के बीच डेली और वीकली स्पेशल ट्रेनें चलाई जा रही हैं। इससे समुद्र तटों की ओर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही मुंबई–नागपुर, पुणे–सांगानेर, दिल्ली, हावड़ा, लखनऊ, हैदराबाद, बेंगलुरु, मंगलुरु जैसे व्यस्त रूट्स पर भी अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जा रही हैं।
इन स्पेशल ट्रेनों से मिलेगा सीधा फायदा
CSMT–करमाली (1151/1152), LTT–तिरुवनंतपुरम (1171), पुणे–सांगानेर (1405), CSMT–नागपुर (1005) सहित कई ट्रेनें, जो यात्रियों को अतिरिक्त सीट और स्लीपर सुविधा प्रदान करेंगी।
इन विशेष ट्रेनों के जरिए भारतीय रेल ने यह सुनिश्चित किया है कि यात्रियों को भीड़, वेटिंग और असुविधा का सामना न करना पड़े। रेलवे का यह कदम देशभर के शहरों, धार्मिक स्थलों और पर्यटन केंद्रों को जोड़ते हुए क्रिसमस और न्यू ईयर 2026 को यादगार बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।
