क्रिकेट

प्रतिका की बल्लेबाजी और श्री चरणी की गेंदबाजी से भारत का विजयी आगाज

भारत ने जिम्बाब्वे को पहले वनडे में हरा दिया। भारत के सामने जीत के लिए 198 रन का लक्ष्य था, जिसे उसने एक विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत ने 3 मैच की टी20 सीरीज 3-0 से अपने नाम किया था।

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भारत और जिम्बाब्वे (साभार-X)

प्रतिका रावल की शानदार शतकीय पारी के दम पर भारत ने पहले वनडे में जिम्बाब्वे को 9 विकेट से हरा दिया। भारत के सामने जीत के लिए 198 रन का लक्ष्य था, जिसे उसने एक विकेट खोकर 27.1 ओवर में हासिल कर लिया। प्रतिका रावल ने शानदार 100 रन की पारी खेली जबकि इनफॉर्म शेफाली वर्मा 64 रन बनाकर नाबाद रहीं। प्रतिका का यह तीसरा वनडे शतक था। प्रतिका और शेफाली ने दूसरे विकेट के लिए 106(70) रन की साझेदारी की। भारत की ओर से कप्तान स्मृति मंधाना और प्रतिका ने पारी का आगाज किया। दोनों ने पहले विकेट के लिए 93 गेंद में 94 रन की साझेदारी की। भारत का एकमात्र विकेट मंधाना के रुप में गिरा जिन्होंने 34 गेंद में 32 रन की पारी खेली।

इससे पहले श्री चरणी ने अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए चार विकेट झटके जिम्बाब्वे को 197 रन पर समेट दिया। जिम्बाब्वे के लिए बिलव्ड बीजा ने 62 रन की अर्धशतकीय पारी खेली लेकिन इसके बावजूद टीम 200 रन के अंदर सिमट गई। श्री चरणी ने 10 ओवर में 23 रन देकर चार विकेट झटककर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने अहम मौकों पर विकेट चटकाकर जिम्बाब्वे की पारी को झकझोर दिया। क्रांति गौड़ (42 रन देकर तीन विकेट) ने भी उनका अच्छा साथ निभाया। दोनों ने यहां कोटांबी के बल्लेबाजी के मुफीद विकेट पर जिम्बाब्वे को बड़ा स्कोर बनाने से रोक दिया।

बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने सलामी बल्लेबाज मोडेस्टर मुपाचिकवा (25) और चिपो मुगेरी टिरिपानो (21) को आउट करके जिम्बाब्वे को शुरुआती झटके दिए। इसके बाद उन्होंने न्याशा ग्वांजुरा (13) और खतरनाक दिख रही मिशेल मावुंगा को पवेलियन भेजकर भारत का दबदबा बनाए रखा। वहीं क्रांति ने शुरुआती ओवरों में दो कैच छूटने के बावजूद अपना ध्यान नहीं भटकने दिया और तीन विकेट हासिल किए। इनमें बीजा का अहम विकेट भी शामिल था।

जिम्बाब्वे की चौथे नंबर की बल्लेबाज बीजा ने सतर्कता और आक्रामकता का अच्छा मिश्रण दिखाया। उन्होंने एक छोर संभालते हुए 92 गेंदों में पांच चौकों की मदद से 62 रन बनाए। पर दूसरे छोर पर उन्हें साथ नहीं मिला। भारत ने भले ही मैदान पर दबदबा बनाया हो लेकिन एक बार फिर खराब क्षेत्ररक्षण देखने को मिला और टीम ने कुछ आसान कैच टपका दिए। जिम्बाब्वे की सलामी बल्लेबाज मुपाचिकवा और तीसरे नंबर की बल्लेबाज मुगेरी टिरिपानो को जीवनदान मिले।

तीसरे ओवर की आखिरी गेंद पर गौड़ की ऑफ स्टंप के बाहर की गेंद पर बाएं हाथ की बल्लेबाज मुगेरी टिरिपानो ने ड्राइव खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके बल्ले का किनारा लेकर पीछे गई। विकेटकीपर ऋचा घोष आसान कैच पकड़ने में नाकाम रहीं।

आठवें ओवर में मुपाचिकवा ने गौड़ की वाइड गेंद पर जोरदार शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का बाहरी किनारा लेकर दूसरी स्लिप में खड़ी दीप्ति शर्मा (44 रन देकर दो विकेट) के पास चली गई। हालांकि दीप्ति ने कैच लेने की कोशिश की, लेकिन गेंद उनके हाथों से छिटक गई। बाद में जब मावुंगा तेजी से रन बना रही थीं, तब 40वें ओवर में दीप्ति की गेंद पर उन्हें जीवनदान मिला। क्रांति गौड़ के पास डीप मिडविकेट पर उनका जोरदार शॉट लपकने का मौका था, लेकिन वह यह मुश्किल कैच नहीं पकड़ सकीं।

Sameer Thakur
समीर कुमार ठाकुरauthor

समीर कुमार ठाकुर टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की स्पोर्ट्स टीम के सदस्य हैं। करीब 10 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव के साथ वे न केवल क्रिकेट, बल्कि हॉकी, फुटबॉल, बैडमिंटन और अन्य प्रमुख खेलों की गहरी समझ रखते हैं। खेलों की बारीकियों को पकड़ने, खिलाड़ियों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने और मैच परिस्थितियों को सरल व रोचक अंदाज में समझाने की उनकी क्षमता उन्हें स्पोर्ट्स बीट का एक भरोसेमंद पत्रकार बनाती है। जर्नलिज़्म में डिप्लोमा कर चुके समीर ने टीवी मीडिया में भी काम किया है, जिससे उन्हें लाइव न्यूज प्रेजेंटेशन, ब्रेकिंग अपडेट्स और विजुअल स्टोरीटेलिंग का अनुभव मिला। समीर अब तक 10,000 से अधिक आर्टिकल्स लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव स्पोर्ट्स इंटरव्यू, ऑन-ग्राउंड रिपोर्टिंग और मैच व सीरीज आधारित विश्लेषण शामिल हैं।

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