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Suhas Shetty Murder Case: NIA ने 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, PFI साजिश का खुलासा

एएनआई ने बुधवार को सुहास शेट्टी मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। 1 मई 2025 को सुहास शेट्टी की सरेआम हत्या कर दी गई थी। सात हथियारबंद हमलावरों ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारकर रास्ता रोका और ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी।

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NIA ने बुधवार को सुहास शेट्टी मर्डर केस में 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने बुधवार को सुहास शेट्टी मर्डर केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। यह चार्जशीट बेंगलुरु स्थित NIA की विशेष अदालत में दायर की गई है।

NIA ने अपनी जांच में खुलासा किया है कि यह हत्या एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी, जिसकी योजना बैन संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के पूर्व सदस्यों ने रची थी। चार्जशीट में आरोपियों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (निषेध) अधिनियम (UAPA), भारतीय न्याय संहिता 2023 और आर्म्स एक्ट 1959 के तहत केस दर्ज किया गया है।

हत्या की पूरी वारदात

1 मई 2025 को सुहास शेट्टी की सरेआम हत्या कर दी गई थी। सात हथियारबंद हमलावरों ने उनकी गाड़ी को टक्कर मारकर रास्ता रोका और ताबड़तोड़ हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। इस घटना से इलाके में दहशत फैल गई थी।

महीनों चली साजिश

जांच में सामने आया कि हमलावरों ने वारदात से पहले कई महीनों तक सुहास शेट्टी की गतिविधियों पर नजर रखी थी। NIA की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले की साजिश अब्दुल सफवान उर्फ कलावरु सफवान, नियाज़, मोहम्मद मुसामिर, नौशाद और आदिल महरूफ ने रची थी।

फंडिंग और साजिश की कहानी

NIA की चार्जशीट में यह भी बताया गया है कि आदिल महरूफ ने इस हत्या के लिए फंडिंग की थी। अन्य आरोपियों को पैसे और निजी दुश्मनी के कारण इस साजिश में शामिल किया गया था। चार्जशीट में कुल 11 आरोपियों के नाम शामिल हैं, जबकि एक अन्य आरोपी अब्दुल रज़ाक की जांच अभी जारी है।

Anuj Mishra
अनुज मिश्राauthor

अनुज मिश्रा भारत के अग्रणी क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव पत्रकारों में से एक हैं। वह वर्तमान में टाइम्स नाउ नवभारत में न्यूज़ एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। पिछले करीब दो दशकों से अनुज मिश्रा ने अपराध, आंतरिक सुरक्षा और संगठित अपराध से जुड़े मामलों की गहन रिपोर्टिंग और संपादकीय नेतृत्व किया है। उन्होंने सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग, एनआईए और खुफिया एजेंसियों से संबंधित बड़ी और संवेदनशील खबरों को नज़दीकी से कवर किया है। अनुज मिश्रा की सबसे बड़ी ताक़त उनकी ग्राउंड रिपोर्टिंग है। हर बड़ी और अहम खबर में वह ग्राउंड ज़ीरो पर मौजूद रहकर घटनाओं की प्रत्यक्ष कवरेज करते रहे हैं। यही कारण है कि उनकी रिपोर्टिंग में जमीनी सच्चाई और तथ्य हमेशा साफ़ झलकते हैं। टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ने से पहले अनुज मिश्रा देश के कई बड़े टेलीविज़न न्यूज़ चैनलों के साथ काम कर चुके हैं, जहां उन्होंने अपनी पत्रकारिता और एडिटोरियल स्किल्स से अलग पहचान बनाई। अनुज ने न केवल देश-विदेश की बड़ी खबरों को जनता तक पहुँचाया है, बल्कि उत्तर प्रदेश की राजनीति और सत्ता गलियारों से जुड़े घटनाक्रमों पर भी पैनी नज़र रखी है। उनकी पत्रकारिता शैली तथ्यपरक, इन्वेस्टिगेटिव और जमीनी हकीकत पर आधारित मानी जाती है। उन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, ड्रग्स सिंडिकेट, हाई-प्रोफाइल जांच और सियासी घटनाक्रमों पर कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स की हैं, जिन्हें राष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है।

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