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NIA ने PFI के वेपन मास्टर ट्रेनर को किया गिरफ्तार, प्लंबर बनकर कर रहा था गुमराह

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jun 14, 2023, 05:31 PM IST

National Investigation Agency: एनआईए की जांच से पता चला है कि बुधवार को गिरफ्तार किए गए 33 वर्षीय आरोपी की पहचान नौसाम मोहम्मद यूनुस के रूप में हुई है। वह अपने बड़े भाई के इन्वर्टर का कारोबार करता था। सितंबर 2022 में जब उसके घर की तलाशी ली गई तो वह अपनी पत्नी और दो नाबालिग बेटों के साथ फरार पाया गया।

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एनआईएन ने पीएफआई के मास्टर वेपन ट्रेनर को किया गिरफ्तार

Photo : iStock

National Investigation Agency: नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए की टीम ने प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के मास्टर वेपन ट्रेनर को गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी निजामाबाद आतंकी साजिश मामले में की गई है। अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी कर्नाटक में पहचान बदलकर रह रहा था।

एनआईए के अधिकारियों ने बताया कि यह मामला पीएफआई नेताओं द्वारा रची गई एक आपराधिक साजिश से संबंधित है। उन्होंने बताया, भारत में इस्लामी राज्य स्थापित रकने के लिए पीएफआई के नेता युवाओं की भर्ती कर उन्हें कट्टरपंथी बनाते थे और हथियारों की ट्रेनिंग देते थे। इतना ही नहीं, देश में आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने में भी इन लोगों की मिलीभगत सामने आई है।

सितंबर, 2022 में हुआ था फरार

एनआईए ने बताया, बुधवार को गिरफ्तार किए गए 33 वर्षीय आरोपी की पहचान नौसाम मोहम्मद यूनुस के रूप में हुई है। वह अपने बड़े भाई के इन्वर्टर का कारोबार करता था। सितंबर 2022 में जब उसके घर की तलाशी ली गई तो वह अपनी पत्नी और दो नाबालिग बेटों के साथ फरार पाया गया।

कर्नाटक में प्लंबर बनकर छिपा था

एनआईए की जांच से पता चला है कि गिरफ्तार आरेापी नौसाम मोहम्मद यूनुस ने सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए अपने पूरे परिवार को आंध्र प्रदेश से स्थानांतरित कर दिया था। इसके बाद वह कर्नाटक चला गया और यहां के बेल्लारी जिले के काउल बाजार इलाके में छिपा हुआ था। बेल्लारी में उसने अपना नाम बशीर बताया और यहां प्लंबर बनकर काम कर रहा था।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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