गजवा ए हिंद (Ghazwa E Hind) के साजिशकर्ताओं के खिलाफ एनआईए ने कड़ा एक्शन लिया है। बिहार-यूपी समेत तीन राज्यों में छापा मारा गया है। जहां से महत्वपूर्ण सबूत हाथ लगे हैं। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 2 जुलाई को पाकिस्तान स्थित संदिग्धों द्वारा चलाए जा रहे "गज़वा-ए-हिंद" नामक कट्टरपंथी समूह के संबंध में तीन राज्यों में कई स्थानों पर छापे मारे।
कहां-कहां मारे छापे
बिहार के दरभंगा में पांच स्थानों और पटना में दो स्थानों पर छापा मारा गया। साथ ही उत्तर प्रदेश के बरेली और गुजरात के सूरत भी जांच एजेंसी ने छापे मारे। यहां से एजेंसी ने डिजिटल डिवाइस, सिम कार्ड और दस्तावेज़ जब्त किए हैं। यह मामला बिहार पुलिस द्वारा पटना के फुलवारीशरीफ के मरगूब अहमद दानिश उर्फ ताहिर की गिरफ्तारी के बाद सामने आया था, जिसने पिछले साल 14 जुलाई को प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दर्ज की थी। आठ दिन बाद एनआईए ने जांच अपने हाथ में ले ली।
क्या है मरगूब पर आरोप
मरगूब पर 6 जनवरी को भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत आरोप पत्र दायर किया गया था। एनआईए ने 2 जुलाई को एक बयान में कहा, आरोपी को "गज़वा-ए-हिंद मॉड्यूल" का सदस्य पाया गया, जिसका ध्यान "भारतीय क्षेत्र पर गज़वा-ए-हिंद की स्थापना के लिए" युवाओं को कट्टरपंथी बनाने पर केंद्रित था।
ग्रुप के जरिए साजिश
NIA ने कहा कि जांच से पता चला कि दानिश एक व्हाट्सऐप ग्रुप 'गजवा-ए-हिंद' का संचालन कर रहा था, जिसे जैन नाम के एक पाकिस्तानी नागरिक ने बनाया था। उसने देश में आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए स्लीपर सेल बनाने के उद्देश्य से कई भारतीयों, पाकिस्तानियों, बांग्लादेशियों और यमनी नागरिकों को इस ग्रुप में जोड़ा था। एजेंसी के मुताबिक, आरोपी ने विभिन्न सोशल मीडिया मंचों पर भी गजवा-ए-हिंद नाम से ग्रुप बनाया था।
