Rajasthan News: राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने राजस्थान के भीलवाड़ा (Bhilwara) में स्टांप पेपर (Stamp Paper) पर बेची जा रही लड़कियों (Auctioning of Girls) के मामले में गहलोत सरकार (Ashok Gehlot) को नोटिस जारी किया है। आयोग ने राजस्थान सरकार से पूरे मामले में 4 हफ्ते में रिपोर्ट पेश करने को कहा है। पूरा मामला उजागर होने के बाद राजस्थान बाल संरक्षण आयोग भी हरकत में आया है और 3 दिन में जिम्मेदार अफसरों से रिपोर्ट तलब की है।आयोग ने इस मामले में राजस्थान के मुख्य सचिव से एक विस्तृत रिपोर्ट मांगी है, साथ ही इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कार्रवाई की गई है, क्या कदम उठाए गए हैं और क्या नहीं।
क्या है आरोप
आरोप है कि राजस्थान के 6 जिलों में स्टांप पेपर पर बेटियों को बेचा जाता है। ऐसा नहीं करने पर उनकी माताओं के साथ रेप किया जाता है। इन बच्चियों को खरीदकर UP, MP, दिल्ली सहित विदेशों में भेजा जाता है। जानकारी के मुताबिक राजस्थान में जाति पंचायतें सीरिया और इराक की तरह इस अपराध को अंजाम दे रही हैं, जहां लड़कियों को गुलाम बनाया जाता है। खबर के मुताबिक उम्र और सुंदरता के हिसाब से लड़कियों की बोली लगती है। कम उम्र की लड़कियों की बोली 8 से 10 लाख में लगती है।
पंचायत की भूमिका भी संदिग्ध
कथित रूप से, भीलवाड़ा में, जब भी दो पक्षों के बीच कोई विवाद होता है, तो पुलिस के पास जाने के बजाय, इसके निपटारे के लिए जाति पंचायतों से संपर्क करते हैं। यहां बच्चियों की माताओं से रेप करने का आदेश दिया जाता है। मामला सामने आने के बाद अब इस पर सियासत भी तेज हो गई है। बीजेपी ने राजस्थान सरकार पर हमला बोला है और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं।बीजेपी हुई हमलावर
इस मामले के सामने आने के बाद BJP राज्य की गहलोत सरकार पर हमलावर हो गई है। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने Tweet करते हुए कहा, 'Congress पार्टी का नारा तो है, 'लड़की हूँ लड़ सकती हूँ' का, लेकिन हकीकत राजस्थान में देखें, जहां बहन बेटियों की खुलेआम नीलामी चल रही है।कांग्रेस के कुशासन से तंग आकर अब राजस्थान की बेटियां कह रही हैं; 'लड़की हूँ बच सकती हूं, तभी तो राजस्थान में रह सकती हूं।'
