New Parliament Building Architect: देश की नई संसद की जितनी तारीफ की जाए, उतनी कम है। 28 मई को इस संसद का उद्घाटन होगा, जिसके बाद यह इमरान भारतीय लोकतंत्र का प्रतीक बन जाएगी। त्रिभुजाकार आकृति और 64500 वर्ग मीटर में तैयार नई संसद भवन की इमारत देखते ही बनती है। इस इमारत के तीन मुख्य द्वार हैं, जिन्हें ज्ञान द्वार, शक्ति द्वार और कर्म द्वार नाम दिया गया है। इसके अलावा भी इस संसद भवन में ढेरों खूबियां हैं।
देश के इस नई संसद भवन की इमारत की तो खूब चर्चा हो रही है, लेकिन इसके साथ ही यह जानना भी जरूरी है कि इस संसद भवन की डिजाइन को किसने तैयार किया है। दरअसल, नई संसद भवन की डिजाइन को तैयार करने वाले आर्किटेक्ट का नाम बिमन पटेल है। आइए जानते हैं बिमन पटेल के बारे में और जानते हैं उन्होंने इस डिजाइन को तैयार करने के लिए सरकार से कितनी फीस ली थी...
जानते हैं बिमन पटेल के बारे में
गुजरात से आने वाले बिमन पटेल का पूरा नाम बिमल हसमुख पटेल है। वह देश के जाने-माने आर्किटेक्ट हैं। आर्किटेक्ट के क्षेत्र में तीन दशकों से ज्यादा का अनुभव रखने वाले बिमन पटेल देश के कई प्रतिष्ठित परियोजनाओं के पीछे भी रहे हैं। वह काशी विश्वनाथ कॉरिडोर को भी डिजाइन कर रहे हैं और अपनी तरह की पहली साबरमती रिवरफ्रंट परियोजना के पीछे भी वही थे। बिमन को अर्बन डिजाइन और प्लानिंग का एक्सपर्ट माना जाता है।
पिता भी थे आर्किटेक्ट
बिमन पटेल के पिता हसमुख सी पटेल भी एक जाने माने आर्किटेक्ट थे। उन्होंने 1960 में एचसीपी डिजाइन प्लानिंग एंड मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की स्थापना की थी। यह वही कंपनी है, जिसे नई संसद भवन और कर्तव्य पथ परियोजना का काम दिया गया था। वतर्मान में बिमन पटेल इस कंपनी के अध्यक्ष हैं। बिमल पटेल ने 1992 में आगा खान पुरस्कार, 2001 में विश्व वास्तुकला पुरस्कार और 2019 में पद्म श्री पुरस्कार से नवाजा गया था।
229 करोड़ थी फीस
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार की ओर से टेंडर निकाले गए थे, जिसमें बिमल पटेल की एचसीपी डिज़ाइन्स ने सबसे ज्यादा 229.75 करोड़ की बिड लगाकर यह प्रोजेक्ट अपने नाम किया था। नई संसद सहित महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए परामर्श सेवाओं के लिए 229.75 करोड़ रुपये का भुगतान किया जाएगा। पटेल की फर्म द्वारा दी जाने वाली सेवाओं में परियोजना के लिए मास्टर प्लान तैयार करना और इसमें शामिल संरचनाओं का डिजाइन, लागत अनुमान, यातायात एकीकरण, पार्किंग सुविधाएं और परिदृश्य शामिल हैं।
