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कभी किसी राज्यसभा सभापति को ऐसा कमेंट करते नहीं देखा, सिब्बल के निशाने पर उप-राष्ट्रपति धनखड़, जानें पूरा मामला

धनखड़ ने गुरुवार को न्यायपालिका द्वारा राष्ट्रपति के लिए निर्णय लेने और सुपर संसद के रूप में कार्य करने के लिए समयसीमा निर्धारित करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट लोकतांत्रिक ताकतों पर परमाणु मिसाइल नहीं दाग सकता।

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कपिल सिब्बल

Photo : PTI

Kapil Sibal on Jagdeep Dhankhar: राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ द्वारा न्यायपालिका पर सवाल उठाने के मुद्दे को लेकर उनपर निशाना साधा है। सिब्बल ने कहा कि यह असंवैधानिक है और उन्होंने कभी भी किसी राज्यसभा अध्यक्ष को इस तरह का राजनीतिक बयान देते नहीं देखा। धनखड़ द्वारा न्यायपालिका के खिलाफ कड़े शब्दों का इस्तेमाल करने के एक दिन बाद सिब्बल ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा के सभापति विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच समान दूरी पर रहते हैं और वे पार्टी के प्रवक्ता नहीं हो सकते।

सिब्बल बोले- कोई भी स्पीकर किसी पार्टी का प्रवक्ता नहीं हो सकता

वरिष्ठ अधिवक्ता सिब्बल ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, हर कोई जानता है कि लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी बीच में होती है। वे सदन के अध्यक्ष होते हैं, किसी एक पार्टी के अध्यक्ष नहीं। वे वोट भी नहीं देते, वे केवल बराबरी होने पर ही वोट देते हैं। यही बात उच्च सदन के साथ भी है। आप विपक्ष और सत्ताधारी दल के बीच समान दूरी पर होते हैं। सिब्बल ने कहा, आप जो भी कहें, वह समान दूरी वाला होना चाहिए। कोई भी स्पीकर किसी पार्टी का प्रवक्ता नहीं हो सकता। सिब्बल ने कहा, मैं यह नहीं कहता कि वह (धनखड़) हैं, लेकिन सिद्धांत रूप में कोई भी स्पीकर किसी पार्टी का प्रवक्ता नहीं हो सकता। अगर ऐसा लगता है तो कुर्सी की गरिमा कम हो जाती है।

धनखड़ ने उठाए थे न्यायपालिका पर सवाल

धनखड़ ने गुरुवार को न्यायपालिका द्वारा राष्ट्रपति के लिए निर्णय लेने और सुपर संसद के रूप में कार्य करने के लिए समयसीमा निर्धारित करने पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट लोकतांत्रिक ताकतों पर परमाणु मिसाइल नहीं दाग सकता।

धनखड़ ने न्यायपालिका के लिए ये कड़े शब्द राज्यसभा के प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहे। इससे कुछ दिन पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति द्वारा राज्यपाल की ओर से विचार के लिए रखे गए विधेयकों को मंजूरी देने के लिए समयसीमा तय करने की बात की थी। धनखड़ ने कहा, इसलिए, हमारे पास ऐसे न्यायाधीश हैं जो कानून बनाएंगे, कार्यकारी कार्य करेंगे, सुपर संसद के रूप में काम करेंगे और उनकी कोई जवाबदेही नहीं होगी क्योंकि देश का कानून उन पर लागू नहीं होता।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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