Nepal Gen-Z Protest: नेपाल में सियासी उठापटक और हिंसक घटनाओं पर पीएम नरेंद्र मोदी ने चिंता जाहिर की है। पड़ोसी मुल्क में हालात इतने बिगड़ गए कि वहां के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को इस्तीफा देना पड़ा। देखते ही देखते छात्रों के नेतृत्व वाले Gen Z आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया। हिंसा में 20 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक संदेश जारी करते हुए नेपाल की जनता से शांति का समर्थन करने की अपील की। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि नेपाल की घटनाएं बेहद दर्दनाक हैं, खासकर इसलिए कि कई युवा अपनी जान गंवा चुके हैं।
नेपाल में हिंसा हृदयविदारक है: पीएम मोदी
पीएम मोदी ने आगे लिखा, "हिमाचल प्रदेश और पंजाब से लौटने पर आज सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक में नेपाल के घटनाक्रम पर चर्चा हुई। नेपाल में हिंसा हृदयविदारक है। मुझे इस बात का दुःख है कि कई युवाओं ने अपनी जान गंवाई है। नेपाल की स्थिरता, शांति और समृद्धि हमारे लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। मैं नेपाल के सभी भाइयों और बहनों से विनम्रतापूर्वक शांति का समर्थन करने की अपील करता हूं।"
नेपाल में मिलिट्री शासन लागू
नेपाल में आज रात दस बसे से मिलिट्री शासन लागू हो जाएगा। नेपाली सेना की ओर से एक विज्ञप्ति जारी की गई है, जिसमें सेना ने कहा है कि उसकी प्राथमिकता नेपाल में शांति बहाल करना है। इसके लिए सेना ने कहा है कि वो हर पक्ष से बातचीत करने के लिए तैयार है।
नेपाल सरकार ने कहा," आदरणीय नेपाली भाई-बहन, दीदी-बड़े भैया। नेपाली सेना ने हमेशा देश की अखंडता और ज्योग्राफिकल लोकेशन और नेपाली लोगों की सुरक्षा का ध्यान दिया है। नेपाली सेना दुख व्यक्त, संवेदना व्यक्त करती हैं। हम घायल के स्वस्थ होने की कामना करते हैं। नेपाली सेना सभी पक्षों से निवेदन करती है कि इस समस्या समाधान बातचीत से करें। सेना शांति और सुरक्षा बहाल करती रहेगी। हमारी प्राथमिकता हैं शांति बहाल करना हैं।"
