NEET UG पेपर लीक मामला: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोपी यश यादव को बड़ी राहत दी है। अदालत ने उसे 21 जून को फिर से होने वाली NEET UG परीक्षा में शामिल होने और कस्टडी में अपनी बहन की शादी में शामिल होने की इजाजत दे दी है। इस दौरान कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है, इससे किसी को वंचित नहीं किया जा सकता है।
अदालत के आदेश के अनुसार, यश यादव को 21 जून को परीक्षा केंद्र और 22 जून को उनकी बहन की शादी के समारोहों में अधिकारियों की सुरक्षा में ले जाया जाएगा। दोनों ही मौकों पर वह हिरासत में रहेंगे और उसके बाद उन्हें वापस जेल ले जाया जाएगा। यह घटनाक्रम NEET-UG परीक्षा के पेपर लीक की चल रही जांच के बीच आया है, जिसके कारण 3 मई को आयोजित मूल परीक्षा रद्द कर दी गई थी। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) ने बाद में प्रभावित उम्मीदवारों के लिए 21 जून को पुनर्परीक्षा की घोषणा की।
13 मई को गुरुग्राम से किया गया था गिरफ्तार
यश यादव को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 13 मई को गुरुग्राम से नीट पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किया था। जांचकर्ताओं का आरोप है कि वह लीक हुए प्रश्न पत्र के प्रसार में शामिल एक नेटवर्क का हिस्सा थे। सीबीआई इस लीक के पीछे की बड़ी साजिश की जांच कर रही है और विभिन्न राज्यों में कई गिरफ्तारियां की गई हैं।
यश यादव ने इन दलीलों पर मांगी थी अंतरिम जमानत
गौरतलब है कि यश यादव ने नीट री एग्जाम में शामिल होने और अपनी बहन की शादी में भाग लेने के लिए अंतरिम जमानत हेतु अदालत में याचिका दायर की थी। इस महीने की शुरुआत में, अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में रहते हुए भी पुस्तकों और अध्ययन सामग्री तक पहुंच की अनुमति दी थी, ताकि वे आगामी परीक्षा की तैयारी कर सकें।
पिछले सप्ताह इस मामले की कई बार सुनवाई हुई। एक समय अदालत ने यादव की याचिका पर विचार स्थगित कर दिया था। क्योंकि तब अदालत को बताया गया था कि पुनर्परीक्षा के लिए उनका एडमिट कार्ड अभी तक जारी नहीं किया गया था। तब अदालत ने यह स्पष्टीकरण मांगा कि क्या उन्हें परीक्षा में बैठने की अनुमति दी जाएगी।
इस बीच, राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने हाल ही में नीट-यूजी पेपर लीक मामले में यादव और कई अन्य आरोपियों की न्यायिक हिरासत 29 जून तक बढ़ा दी है, क्योंकि सीबीआई कथित परीक्षा धोखाधड़ी की जांच जारी रखे हुए है।
