देश

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक का किंगपिंग गिरफ्तार, CBI ने भरतपुर मेडिकल कॉलेज के दो छात्रों को भी उठाया

NEET Paper Leak Case: सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किए गए छात्रों के नाम कुमार मंगलम बिश्नोई, दीपेंद्र कुमार और शशि कुमार पासवान हैं। ये तीनों पेपर सॉल्व करने के लिए 5 मई की सुबह हजारीबाग में मौजूद थे।

Image

नीट यूजी पेपर लीक मामले में CBI की बड़ी कार्रवाई

NEET Paper Leak: नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने बड़ी कार्रवाई की है। केंद्रीय एजेंसी ने पेपर लीक से जुड़े मामले में तीन अन्य लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो भरतपुर मेडिकल कॉलेज के छात्र बताए जा रहे हैं। दोनों छात्र सॉल्वर गैंग से जुड़े हुए हैं। सीबीआई का कहना है कि 5 मई की सुबह ये तीनों लोग हजारीबाग परीक्षा केंद्र पर पेपर सॉल्व करने के लिए मौजूद थे।

सीबीआई अधिकारियों ने बताया कि पेपर लीक मामले में गिरफ्तार किए गए छात्रों के नाम कुमार मंगलम बिश्नोई, दीपेंद्र कुमार और शशि कुमार पासवान हैं। कुमार मंगलम बिश्नोई और दीपेंद्र कुमार भरतपुर में पढ़ते थे, लेकिन 5 तारीख को ये दोनों हज़ारीबाग़ में मौजूद थे और पेपर सॉल्व कर रहे थे। जबकि शशि कुमार पासवान सॉल्वर गैंग का किंगपिंग बताया जा रहा है।

गोधरा तक पहुंची सीबीआई

नीट परीक्षा में हुई गड़बड़ी मामले की जांच कर रही सीबीआई शनिवार को गोधरा पहुंची है। आरोप है कि गोधरा के 27 उम्मीदवारों से आरोपियों नीट यूजी परीक्षा पास कराने के एवज में 10 लाख रुपए लिए थे। अब तक गोधरा से पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इन्होंने पश्न पत्र हल करने में छात्रों की मदद की थी। इसके बाद पुलिस ने इन पर शिकंजा कसते हुए इन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार हुए आरोपियों में से एक ने शुक्रवार, 19 जुलाई को जमानत के लिए कोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी, लेकिन पंचमहल जिला अदालत के सत्र न्यायाधीश ने यह याचिका खारिज कर दी।

NTA ने राज्यवार जारी किया रिजल्ट

बता दें कि बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट में भी नीट यूजी परीक्षा में हुई गड़बड़ी को लेकर सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने एनटीए को निर्देश दिया था कि वो छात्रों के मार्कशीट को राज्यवार तरीके से वेबसाइट पर अपलोड करे। शनिवार, 20 जुलाई को नीट परीक्षा का रिजल्ट वेबसाइट पर अपलोड कर दिया गया है।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

और पढ़ें
End of Article