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लोकसभा में गूंजा NEET पेपर लीक मामला, राहुल-अखिलेश समेत विपक्षी सांसदों ने शिक्षा मंत्री को घेरा

NEET पेपर लीक मामले पर संसद में खूब हंगामा हुआ। राहुल गांधी ने भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि NEET पर शिक्षा मंत्री अपने आप को छोड़कर सभी पर आरोप लगा रहे हैं।

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संसद में धर्मेंद्र प्रधान घिरे

NEET Paper Leak in Lok Sabha: मॉनसून सत्र के पहले दिन लोकसभा में NEET पेपर लीक का मामला गूंजा। स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप से बेहतर है कि उपाय ढूंढा जाए। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि NEET परीक्षा पत्र लीक होने का कोई सबूत नहीं है। फिलहाल कुछ घटनाएं हैं और मामला सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। मुख्य न्यायाधीश व्यक्तिगत रूप से इस मामले की अध्यक्षता कर रहे हैं।

शिक्षा मंत्री पर सांसदों का निशाना

काग्रेस सांसद मणिकम ने NEET परीक्षा पर शिक्षा मंत्री से प्रश्न पूछे। उन्होंने पूछा कि क्या मंत्री जिम्मेदारी लेते हैं? इस पर शिक्षा मंत्री ने कहा, जब भी जवाबदेही की बात आएगी, हमारी सरकार जवाबदेह होगी। कुछ घटनाओं में अनियमितताएं हुई हैं, और इस पर कार्रवाई की गई है। पटना से भी सीबीआई जांच कर रही है। वहीं, सपा सांसद अखिलेश यादव ने कहा कि ये सरकार किसी बात का रिकॉर्ड बनाए या न बनाए, पेपर लीक पर ये सरकार रिकॉर्ड बनाएगी। ये मंत्री रहे तो बच्चों को न्याय नही मिलेगा।

राहुल बोले, भारतीय शिक्षा परीक्षा प्रणाली एक धोखा

वहीं, राहुल गांधी ने कहा कि NEET पर शिक्षा मंत्री अपने आप को छोड़कर सभी पर आरोप लगा रहे हैं। भारतीय शिक्षा परीक्षा प्रणाली धोखा है। इस पर धर्मेंद्र प्रधान ने जवाब दिया, चिल्लाने से झूठ सच नही हो जाता। नेता प्रतिपक्ष का ये कहना कि शिक्षा परीक्षा प्रणाली खराब है ये कहना दुर्भाग्यपूर्ण है। पब्लिक एग्जाम बिल हम लेकर आए, जब इनकी सरकार थी तो इनको किसने रोका था?

लोकसभा स्पीकर ने कहा, मिलकर काम करें सत्ता पक्ष-विपक्ष

वहीं, लोकसभा स्पीकर ने कहा, हमारी चिंता ये है कि हमारे छात्रों के भविष्य पर सवाल न उठे। अगर हम सभी परीक्षा पर सवाल उठाएंगे तो हर राज्य में अलग-अलग पार्टियों की सरकार है। देश की शिक्षा प्रणाली पर सवाल उठाना विश्व स्तर पर देश की छवि धूमिल करेगा। एक-दूसरे पर आरोप लगाने से बेहतर है कि सत्ता और विपक्ष अपने सुझाव इस पर दें कि पेपर लीक जैसी समस्या ख़त्म हो सके।

Ranjeeta Jha
रंजीता झाauthor

13 साल के राजनीतिक पत्रकारिता के अनुभव में मैंने राज्य की राजधानियों से लेकर देश की राजधानी तक सियासी हलचल को करीब से देखा है। प्लांट की गई बातें ख़बरें नहीं होती बल्कि बातों के पीछे छुपी सच्चाई असली ख़बर होती है। खबरें वही जो आपके सरोकार की हो वो आपतक लेकर आऊंगी।

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