NDA Mission for Elections: साल 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने कमर कसते हुए 38 दलों को अपने साथ लिया है। हालांकि, बीजेपी ने इस बार इस बात का खासा ख्याल रखा कि किसी भी साझेदार/घटक को यह न लगे या संदेश जाए कि वह गठजोड़ की इस छतरी के नीचे किसी से भी कम है।
दरअसल, 18 जुलाई 2023 को एनडीए की बैठक में बीजेपी नेतृत्व की ओर से घटक दलों (अपने गठबंधन के सहयोगियों) को अहमियत देने का खास ख्याल रखा। रात्रिभोज के बाद प्रधानमंत्री मोदी एनडीए साझेदार सीएम और पूर्व मुख्यमंत्रियों के साथ बैठे। ऐसे लोगों में महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे, नागालैंड के सीएम नेइफियो रियो, तमिलनाडु के पूर्व सीएम ई.पलानीसामी और बिहार के पूर्व सीएम जीतन राम मांझी (हम प्रमुख) शामिल रहे। ये सभी पीएम मोदी के साथ एक ही टेबल पर बैठे नजर आए।
वहीं, यह भी पता चला कि मोदी के सबसे करीबी माने जाने वाले दिग्गज नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जन सेना नेता पवन कल्याण और अन्य ऐसे ही नेताओं के साथ खाना खाया। समझा जा सकता है कि ऐसा कर के वह यह संकेत देना चाहते थे कि उनके लिए सभी जरूरी और मायने रखते हैं। वैसे भी पीएम ने अपने संबोधन के दौरान एनडीए के नेताओं को यह बात सुनिश्चित कराई थी कि यह साझेदारी बराबरी की होगी, जिसमें श्रेय और जिम्मेदारियों समान रूप से बांटी की जाएंगी।
पीएम मोदी ने एनडीए को क्षेत्रीय आकांक्षाओं का ऐसा खूबसूरत ‘इंद्रधनुष’ करार दिया, जो देशवासियों के लिए समर्पित है। मोदी ने आगे दावा किया था कि भारत के लोगों का भरोसा एनडीए पर है। यह बात दुनिया के अन्य प्रमुख देशों को भी पता है कि भारत में जनमत एनडीए के साथ है, इसलिए वे सरकार के प्रतिनिधियों को आमंत्रित कर रहे हैं, भारत को सम्मान दे रहे हैं और उसके साथ तमाम दूरगामी समझौते कर रहे हैं।
उधर, विपक्ष के 26 दलों ने अगले लोकसभा चुनाव के लिए अपनी चुनावी बिसात बिछाई है। मंगलवार को इसकी शुरुआत ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव एलायंस (इंडिया)’ नाम से नए गठबंधन के ऐलान के साथ हुई। उन्होंने कहा कि यह ‘इंडिया’ 2024 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पराजित करेगा। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने गठबंधन के इस नाम का उल्लेख करते हुए कहा कि अब लड़ाई ‘इंडिया और नरेन्द्र मोदी’ के बीच है और यह बताने की जरूरत नहीं है कि जीत किसकी होगी। (पीटीआई इनपुट्स के साथ)
