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लोकसभा में डिप्टी स्पीकर पद के लिए तैयार NDA! सामने आया बड़ा अपडेट

Parliament News: लोकसभा में डिप्टी स्पीकर की कुर्सी को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। सूत्रों के हवाले से ये जानकारी सामने आई है कि भाजपा नीत एनडीए लोकसभा में उपाध्यक्ष पद के लिए तैयार हो गई है। पिछले लोकसभा चुनाव 2019 के बाद से निचले सदन के उपाध्यक्ष की कुर्सी खाली थी।

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डिप्टी स्पीकर की कुर्सी पर बड़ा अपडेट।

Photo : Times Now Digital

Deputy Speaker in Lok Sabha: 18वीं लोकसभा में उपाध्यक्ष (Deputy Speaker) का पद खाली नहीं रहेगा। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को इसके संकेत दिए। सूत्रों के मुताबिक, सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) लोकसभा में किसी नेता को उपाध्यक्ष का पद देने लिए तैयार है लेकिन इस मामले में वह फैसला तत्काल नहीं, बल्कि बाद में लिए जाने के पक्ष में है।

लोकसभा में डिप्टी स्पीकर की शर्त पर राजी NDA!

सूत्रों ने ये बताया है कि राजग ने इस पद पर विपक्ष के दावे को खारिज नहीं किया है, हालांकि उसकी आपत्ति इस बात पर है कि विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष पद के उम्मीदवार का समर्थन करने के लिए उपाध्यक्ष पद देने की शर्त रखी। पिछली लोकसभा के दौरान कोई उपाध्यक्ष नहीं था।

पिछली बार क्यों खाली थी डिप्टी स्पीकर की कुर्सी?

अध्यक्ष पद पर ओम बिरला के नाम पर आम सहमति नहीं बन सकी थी। आम सहमति बनाने का सरकार का प्रयास विफल हो गया था क्योंकि विपक्षी 'इंडिया' गठबंधन ने परंपरा का हवाला देते हुए उपाध्यक्ष पद पर अपना दावा पेश किया था। राजग सूत्रों ने कहा कि उपाध्यक्ष के चुनाव के दौरान विपक्ष की मांग पर विचार किया जा सकता है लेकिन उसमें कोई पूर्व शर्त नहीं थोपी जानी चाहिए।

डिप्टी स्पीकर पद के लिए कांग्रेस ने किया है ये दावा

विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के. सुरेश को अपना उम्मीदवार बनाया था। हालांकि बिरला ध्वनि मत से इस पद पर निर्वाचित हुए। अतीत में ऐसे कई मौके आए हैं जब विभिन्न सरकारों ने विपक्ष को उपाध्यक्ष के रूप में अपना उम्मीदवार उतारने की अनुमति दी। लेकिन भाजपा का कहना है कि यह हमेशा नहीं हुआ है।

कांग्रेस का दावा है कि वह इस बार प्रमुख विपक्षी पार्टी है, इसलिए उसे यह पद मिलना चाहिए। पिछली दो लोकसभा के दौरान कांग्रेस को प्रमुख विपक्षी दल का दर्जा भी हासिल नहीं था।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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