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Delhi Vs Bengaluru: दिल्ली में 38 दलों के साथ NDA आज भरेगा दम, विपक्षी जमावड़े के बीच शक्ति प्रदर्शन

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 18, 2023, 12:05 AM IST

NDA Meeting in Delhi: भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के मुताबिक, दिल्ली में आज एनडीए की बड़ी बैठक आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले हैं। विपक्ष के 26 दलों के मुकाबले भाजपा के नेतृत्व में 38 दलों का दिल्ली में महाजुटान होगा।

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NDA Meeting

NDA Meeting in Delhi: लोकसभा चुनाव 2024 और 20 जुलाई से शुरू हो रहे मॉनसून सत्र से पहले एक ओर जहां विपक्षी दल एकजुट हो रहे हैं, तो दूसरी ओर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने भी दम भरना शुरू कर दिया है। मंगलवार को 26 विपक्षी दल बेंगलुरू में बड़ी बैठक कर रहे हैं। इस बीच एनडीए भी दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन करने जा रहा है।

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के मुताबिक, दिल्ली में आज एनडीए की बड़ी बैठक आयोजित होगी, जिसकी अध्यक्षता खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करने वाले हैं। विपक्ष के 26 दलों के मुकाबले भाजपा के नेतृत्व में 38 दलों का दिल्ली में महाजुटान होगा।

भाजपा ने की है बड़ी सेंधमारी

एनडीए की यह बैठक ऐसे समय में होने जा रही है, जब हाल ही में कई दल एनडीए का हिस्सा बने हैं। दरअसल, पटना में हुई विपक्षी दलों की बैठक के बाद भाजपा ने विपक्षी एकता में बड़ी सेंधमारी की है। एक तरफ जहां उसने महाराष्ट्र में शिवसेना के बाद एनसीपी के अजित पवार खेमे को एनडीए में शामिल कराया है तो उत्तर प्रदेश में ओपी राजभर की पार्टी सुभासपा को भी NDA में शामिल कराया है। इसके अलावा बिहार में जीतनराम मांझी और चिराग पासवान को भी अपने खेमे में जोड़ा है।

विपक्षी एकता में साथ आए कांग्रेस और आप

दूसरी तरफ विपक्षी दल भी आपस के मनमुटाव भुलाकर एक आने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, पटना में हुई विपक्षी दलों की पहली बैठक में दिल्ली में केंद्र के अध्यादेश के मुद्दे पर आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच मतभेद सामने आ गए थे। अरविंद केजरीवाल ने यहां तक कह दिया था कि अगर कांग्रेस पार्टी राज्यसभा में अध्यादेश विवाद पर उसका समर्थन नहीं करती है, तो आप बेंगलुरू में प्रस्तावित दूसरी बैठक में शामिल नहीं होगी। हालांकि, इस बैठक से एक दिन पहले कांग्रेस ने अध्यादेश विवाद पर आप को समर्थन देने की घोषणा कर दी।

सोनिया गांधी ने संभाला मोर्चा

बेंगलुरू में हो रही दूसरी बैठक कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व में हो रही हैं। इस बैठक में खुद कांग्रेस की चेयरपर्सन सोनिया गांधी ने मोर्चा संभाला है, इस वजह से यह बैठक और भी ज्यादा खास हो गई है। इसके अलावा ममता बनर्जी, उद्धव ठाकरे, अखिलेश यादव, नीतीश कुमार, लालू यादव, उमर अब्दुल्ला समेत कई दिग्गज विपक्षी की बैठक में मौजूद हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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