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Nashik TCS Case: नासिक मामले में NCW की जांच पूरी, CM फडणवीस को सौंपी जांच रिपोर्ट

Nashik TCS Case: एनसीडब्ल्यू ने नासिक टीसीएस मामले में अपनी जांच रिपोर्ट महाराष्ट्र सरकार को सौंप दी है। रिपोर्ट में कार्यस्थल पर महिला कर्मचारियों के कथित उत्पीड़न, मानसिक दबाव और POSH कानून के पालन में गंभीर कमियों का जिक्र किया गया है।

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TCS नासिक विवाद पर NCW की जांच पूरी

Photo : ANI

Nashik TCS Case: महाराष्ट्र के नासिक स्थित टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (Tata Consultancy Services) ऑफिस से जुड़े कथित उत्पीड़न मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women) ने अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी है। यह रिपोर्ट 8 मई 2026 को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस (Devendra Fadnavis) को दी गई। रिपोर्ट में महिला कर्मचारियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न, मानसिक दबाव, धार्मिक टिप्पणियों और POSH कानून के पालन में गंभीर लापरवाही जैसे कई मुद्दों का जिक्र किया गया है।

25 से ज्यादा दिए सुझाव

इस मामले की जांच के लिए एनसीडब्ल्यू ने एक विशेष फैक्ट फाइंडिंग कमेटी बनाई थी। इसमें बॉम्बे हाई कोर्ट की रिटायर्ड जज साधना जाधव, हरियाणा के पूर्व डीजीपी बी.के. सिन्हा, सुप्रीम कोर्ट की वकील मोनिका अरोड़ा और एनसीडब्ल्यू की सीनियर कोऑर्डिनेटर लीलावती शामिल थीं। कमेटी ने 18 और 19 अप्रैल 2026 को नासिक जाकर पीड़ित महिलाओं, पुलिस अधिकारियों, टीसीएस की इंटरनल कमेटी और अन्य लोगों से बातचीत की। इसके बाद 50 से ज्यादा पन्नों की रिपोर्ट तैयार की गई, जिसमें 25 से अधिक सुझाव दिए गए हैं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि नासिक ऑफिस में कुछ कर्मचारियों ने अपने पद और प्रभाव का गलत इस्तेमाल किया। महिला कर्मचारियों को डराने, मानसिक रूप से परेशान करने और उन पर दबाव बनाने जैसी बातें सामने आईं।

मानसिक तनाव में थीं कई महिला कर्मचारी

जांच में यह भी कहा गया कि कुछ मामलों में धार्मिक टिप्पणियां की गईं और हिंदू धर्म से जुड़ी मान्यताओं का मजाक उड़ाया गया। इससे कई महिला कर्मचारी मानसिक तनाव में थीं। कमेटी के अनुसार कई महिलाएं शिकायत करना चाहती थीं, लेकिन नौकरी जाने, ट्रांसफर होने और सामाजिक बदनामी के डर से सामने नहीं आईं। रिपोर्ट में कहा गया कि ऑफिस का माहौल ऐसा था, जहां कर्मचारी खुलकर अपनी बात रखने से डरते थे।

एनसीडब्ल्यू ने POSH एक्ट के पालन में भी गंभीर खामियां बताई हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि नासिक यूनिट में महिलाओं की सुरक्षा और शिकायतों के समाधान के लिए जरूरी व्यवस्थाएं सही तरीके से लागू नहीं थीं।

सभी कार्यस्थलों पर POSH कानून का सख्ती से हो पालन

ऑफिस में POSH नियमों से जुड़े पोस्टर, जानकारी और जागरूकता कार्यक्रम तक मौजूद नहीं थे। CCTV कैमरों की व्यवस्था भी कमजोर बताई गई। कमेटी ने सुझाव दिया है कि सभी कार्यस्थलों पर POSH कानून का सख्ती से पालन कराया जाए। शिकायत करने वाली महिलाओं की पहचान और नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। साथ ही कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और इंटरनल कमेटियों को सक्रिय बनाने की सिफारिश भी की गई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत कार्रवाई हो सकती है। फिलहाल राज्य सरकार और संबंधित एजेंसियां रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रही हैं।

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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