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Natwar Singh: पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का निधन, लंबे समय से थे बीमार; 2008 में छोड़ा था कांग्रेस का साथ

Natwar Singh: देश के पूर्व विदेश मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता नटवर सिंह का 95 साल की उम्र में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वह गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे, जहां उनका इलाज चल रहा था।

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पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का निधन

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का निधन
  • पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह ने 2008 में छोड़ दिया था कांग्रेस का साथ
  • कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने नटवर सिंह के निधन पर जताया शोक

Natwar Singh: पूर्व विदेश मंत्री नटवर सिंह का शनिवार देर रात गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में निधन हो गया। वह 95 वर्ष के थे। वह काफी लंबे समय से बीमार थे। मेदांता अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। नटवर सिंह ने मई 2004 से दिसंबर 2005 तक डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में विदेश मंत्री के रूप में कार्य किया था।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सुरजेवाला ने नटवर सिंह के निधन पर शोक जताया है। एक पारिवारिक सूत्र ने शनिवार देर रात बताया कि नटवर सिंह के बेटे अस्पताल में हैं और परिवार के कई अन्य सदस्य रविवार को दिल्ली में होने वाले अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक राज्य से दिल्ली आ रहे हैं। वह कुछ समय से ठीक नहीं थे। सूत्र ने बताया कि शनिवार देर रात उनका निधन हो गया था।

2008 में छोड़ा था कांग्रेस का साथ

वर्ष 1929 में राजस्थान के भरतपुर जिले में जन्मे नटवर सिंह ने प्रारंभिक शिक्षा अजमेर के मेयो कॉलेज और ग्वालियर के सिंधिया स्कूल से पूरी की थी। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के सेंट स्टीफंस कालेज से स्नातक की उपाधि प्राप्त की। वह 1953 में भारतीय विदेश सेवा (आइएफएस) में चुने गए। उन्होंने चीन, न्यूयार्क, पोलैंड, इंग्लैंड, पाकिस्तान और जांबिया सहित कई देशों में सेवाएं दीं। तीन दशकों की सेवा के बाद नटवर सिंह ने राजनीति में प्रवेश करने के लिए 1984 में आइएफएस से इस्तीफा दे दिया और कांग्रेस पार्टी में शामिल हो गए। उसी वर्ष, उन्होंने लोकसभा का चुनाव जीता। उन्हें राज्य मंत्री बनाया गया था।

इसके बाद, 2004 में भारत के विदेश मंत्री बनाए जाने तक उनका राजनीतिक करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा था। बता दें, विदेश मंत्री रहने के दौरान ही नटवर सिंह को इराकी तेल के बदले अनाज घोटाले के मद्देनजर 2005 में यूपीए-1 सरकार से इस्तीफा देना पड़ा था। गांधी परिवार के करीबी माने जाने वाले नटवर सिंह ने 2008 में कांग्रेस का साथ छोड़ दिया था।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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