नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की नेता सुप्रिया सुले ने मंगलवार को 'पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन बिल' की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार के लिए सभी के सुझाव लेने के लिए सर्वदलीय बैठक भी बुलाई जानी चाहिए।
लोकसभा में बिल पर बहस में हिस्सा लेते हुए, सुले ने NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस की कार्रवाई पर चिंता जताई। सुले ने कहा, 'हमारी पार्टी की ओर से मैंने दो मांगें रखी हैं: अगर आप सच में सिस्टम को बचाना चाहते हैं, तो एक JPC बनाएं, हम सभी के विचारों को शामिल करें, सभी स्टेकहोल्डर्स को बुलाएं और एक ऐसा बिल लाएं जो लीक-प्रूफ हो। वे सर्वदलीय बैठक बुलाएं, सभी के सुझाव लें... इस बिल में कई अंदरूनी कमियां हैं।'
'जैसे पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के समय हम सब मिलकर लड़े थे'
उन्होंने आगे कहा, 'दूसरी मांग यह है कि पूरे भारत में जो कुछ भी हुआ है - कश्मीर से कन्याकुमारी तक, जहां भी हर बच्चा प्रभावित हुआ है उसकी विस्तृत जांच हो।' NCP (SP) नेता ने बहस के दौरान संसद में हुए हंगामे को लेकर सत्ता पक्ष पर भी तंज कसा। सुले ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि 'अच्छे नतीजे निकलेंगे और देश में यह संदेश जाएगा कि इस पूरे मामले में हम एक हैं, ठीक वैसे ही जैसे पहलगाम हमले और ऑपरेशन सिंदूर के समय हम सब मिलकर लड़े थे।' उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की ज़रूरत है।
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NCP(SP) नेता ने यह भी कहा कि BJP को इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि युवा उनके साथ हैं। उन्होंने कहा, 'अगली पीढ़ी न तो उनके साथ है और न ही हमारे साथ। शायद उन्हें इस गलतफहमी में नहीं रहना चाहिए कि युवा उनके साथ हैं... युवा पीढ़ी किसके साथ है, यह हमें 2029 के चुनावों में पता चलेगा।'
सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को 'RSS प्रचारकों से भरकर' उसे 'खोखला' करने का आरोप
बिल पर बहस के दौरान कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने राष्ट्रीय राजधानी में NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ विरोध कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर BJP सरकार की कड़ी आलोचना की। उन्होंने पूछा कि 'पैलेट गन इस्तेमाल करने का आदेश किसने दिया' और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इसका जवाब देना चाहिए। प्रियंका गांधी ने सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को 'RSS प्रचारकों से भरकर' उसे 'खोखला' करने का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 10 सालों में पेपर लीक की 152 घटनाएं हुई हैं, 'लेकिन किसी भी माफिया को सज़ा नहीं मिली है'।
