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ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस में NIA का बड़ा एक्शन, 6 राज्यों में 22 ठिकानों पर छापेमारी

NIA Raids in Human Trafficking Case: ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस में नेशनल इन्वेटिगेशन एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए की टीम ने देशभर में छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक, 6 राज्यों में 22 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

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एनआईए ने देशभर में 22 ठिकानों पर की छापेमारी।

NIA Raids in Human Trafficking Case: ह्यूमन ट्रैफिकिंग केस में नेशनल इन्वेटिगेशन एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। एनआईए की टीम ने देशभर में छापेमारी की है। सूत्रों के मुताबिक, 6 राज्यों में 22 ठिकानों पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। विदेशी हाथ होने के शक में एनआईए ने इस बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है।

मिली जानकारी के मुताबिक 6 राज्यों में यह छापेमारी चल रही है और कई देशों से इसके अंतरराष्ट्रीय तार जुड़े हुए है। 2024 में नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी ने मामला दर्ज किया था।

म्यांमार, लाओस से जुड़े रैकेट के तार

साइबर फ्रॉड मामले में नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी ने यह बड़ी कार्रवाई की है। साइबर फ्रॉड के जरिए बिहार गोपालगंज के युवाओं को विदेश में नौकरी देने के नाम पर लुभाया गया फिर जब वो विदेश गए तो उन्हे फर्जी काल सेंटर में बंधक बनाकर साइबर फ्रॉड का काम करवाया गया। वहीं म्यांमार, लाओस से इस रैकेट के तार जुड़े होने की आशंका है।

पहले भी की थी छापेमारी

इससे पहले, एनआईए ने 5 अक्टूबर को 5 राज्यों के 22 ठिकानों पर आतंकी साजिश और टेरर फंडिंग के शक में एक साथ छापेमारी की थी। एनआईए की ओर से यह छापेमारी महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश, असम और दिल्ली में छापेमारी की गई थी। यह कार्रवाई आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मामलों को लेकर की गई थी। एनआईए ने जम्मू-कश्मीर में बारामूला और अन्य क्षेत्रों में भी छापेमारी की थी। बारामूला में मौलवी इकबाल भट के घर पर एनआईए ने सुरक्षा बलों की मदद से तलाशी ली थी। 1 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल के कई जिलों में छापेमारी की गई थी। 1 अक्टूबर को एनआईए की टीम ने दक्षिण 24 परगना, आसनसोल, हावड़ा, नदिया और कोलकाता में 11 जगहों पर छापेमारी की थी।

Pranjul Srivastava
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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