Ram Navami Violence : रामनवमी हिंसा को लेकर मुस्लिम शिष्टमंडल ने बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। मुस्लिम नेताओं ने गृह मंत्री से हेट स्पीच समेत कई मुद्दों पर बातचीत की और उनके सामने कई मुद्दों को रखा। शिष्टमंडल में शामिल लोगों ने हेट स्पीच देने वालो के खिलाफ गृह मंत्री से कार्रवाई की मांग की। साथ ही मॉब लिंचिंग के मुद्दे को उठाया।
बैठक में हिजाब का मुद्दा भी उठा
कॉमन सिविल कोड के मामले पर डेलिगेशन ने अपनी बात रखी और इसका विरोध किया। बैठक में हिजाब का मुद्दा भी उठा और मदरसों के मुद्दे को लेकर भी बातचीत हुई। इसके अलावा कर्नाटक में मुस्लिम आरक्षण खत्म करने का मामला भी गृह मंत्री के सामने रखा गया।
कलीम सिद्दीकी की रिहाई की मांग
सूत्रों के मुताबिक बैठक में वक्फ जायदाद, असम में सरकारी जमीनों को खाली कराने के मामले को रखा गया। कश्मीर का मसले को उठाते हुए डेलिगेशन ने कहा कि अनुच्छेद 370 सही तरीके से नहीं हटाया गया। साथ ही मौलाना कलीम सिद्दीकी की रिहाई की मांग की गई। समलैंगिकता के मामले को भी उठाया गया। मुस्लिम नेताओं ने सरकार से अपील की कि वह कोर्ट में समलैंगिकता का विरोध जताए।
बंगाल हिंसा पर केंद्र ने मांगी रिपोर्ट
बता दें कि रामनवमी के मौके पर पश्चिम बंगाल और बिहार में कई जगहों पर सांप्रदायिक हिंसा हुई। इन जगहों पर संपत्तियों को निशाना बनाया गया और आगजनी हुई। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा पर राज्य सरकार से मंगलवार को एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के राज्यपाल सी वी आनंद बोस से बात करने तथा राज्य में और खासतौर पर हावड़ा के हिंसा प्रभावित इलाकों में मौजूदा स्थिति का जायजा लेने के कुछ दिनों बाद यह कदम उठाया गया है। सूत्रों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने हावड़ा में रामनवमी के दौरान हुई हिंसा पर पश्चिम बंगाल सरकार से एक विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।
