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मुंबई-जयपुर ट्रेन में फायरिंग का असर, ट्रेन में AK-47 नहीं अब पिस्टल लेकर चलेगी एस्कॉर्ट पार्टी

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Aug 4, 2023, 10:40 AM IST

Mumbai Jaipur Train Firing : गत 31 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे जयपुर-मुम्बई एक्सप्रेस ट्रेन में आरपीएफ के एक कांस्टेबल चेतन सिंह ने अपने सीनियर एएसआई पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस फायरिंग में बी 5 कोच में यात्रा कर रहे तीन यात्रियों सहित चार लोगों की मौत हो गई। फायरिंग की यह घटना पालघर और मुंबई के बीच दहिसर इलाके में हुई।

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31 जुलाई को मुंबई-जयपुर ट्रेन में हुई फायरिंग की घटना।

Photo : PTI

Mumbai Jaipur Train Firing : गत सोमवार को मुंबई-जयपुर ट्रेन में हुई गोलीबारी की घटना के बाद रेलवे सुरक्षा को लेकर काफी सतर्क हो गया है। मध्य रेलवे एवं पश्चिमी रेलवे ने इस बारे में एहतियाती कदम उठाया है। दोनों रेलवे ने कहा है कि ट्रेन में एस्कॉर्ट के रूप में चलने वाले आरपीएफ के जवान अपने साथ एआर-एम1 राइफल की जगह पिस्टल लेकर यात्रा करेंगे। बता दें कि एआर-एम1 राइफल एके-47 का ही उन्नत एवं आधुनिक संस्करण है। समझा जाता है कि ट्रेनों में यात्रा के दौरान खतरे को कम करने के लिए यह फैसला लिया गया है।

पालघर के समीप ट्रेन में क्या हुआ था?

गत 31 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे जयपुर-मुम्बई एक्सप्रेस ट्रेन में आरपीएफ के एक कांस्टेबल चेतन सिंह ने अपने सीनियर एएसआई पर अंधाधुंध गोलीबारी कर दी। इस फायरिंग में बी 5 कोच में यात्रा कर रहे तीन यात्रियों सहित चार लोगों की मौत हो गई। फायरिंग की यह घटना पालघर और मुंबई के बीच दहिसर इलाके में हुई। बताया गया कि कांस्टेबल चेतन मानसिक रूप से तनाव में था। इस घटना के बाद ट्रेन में सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए।

घातक हथियार नहीं पिस्टल रखेंगे सुरक्षाकर्मी

टीओआई की रिपोर्ट के मुताबिक मध्य रेलवे के वरिष्ठ प्रभागीय सुरक्षा कमिश्नर रिषी कुमार शुक्ला ने कहा, 'हमने मध्य रेलवे के मुंबई डिवीजन के लिए आदेश जारी किया है। इसके अनुसार ट्रेन में एस्कॉर्ट के रूप में चलने वाले सुरक्षाकर्मी अपने साथ एके-47 की जगह पिस्टल लेकर चलेंगे।' पश्चिम रेलवे के एक अन्य अधिकारी ने कहा कि ऑटोमेटिक असाल्ट राइफल जारी करने के खिलाफ अनौपचारिक आदेश है। इसी तरह एस्कॉर्ट में लगे सुरक्षाकर्मी अपने साथ पिस्टल लेकर चलेंगे।

सभी डिवीजन के लिए जारी हो सकते हैं निर्देश

रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि रेलवे के सभी डिवीजन के लिए इसी तरह के निर्देश जारी हो सकते हैं। हालांकि, आरपीएफ टीम को एके-47 जैसे उन्नत ऑटोमेटिक हथियार से फायरिंग करने की इजाजत होगी। आंतकवादी हमलों से सामना करने एवं नक्सल प्रभावित इलाकों में वे इस हथियार का इस्तेमाल कर पाएंगे।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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