Jaipur Mumbai Train Shooting: जयपुर-मुंबई ट्रेन गोली कांड की शुरुआती जांच में जांच दल को धार्मिक एंगल नहीं मिला है। सूत्रों के हवाले से यह जानकारी सामने आई है। इस गोलीकांड में अभी तक धार्मिक एंगल नही पाया गया है।
धार्मिक एंगल की बात गलत?
सूत्रों के अनुसार मारने वाला सिपाही भी हिन्दू है और मरनेवाला अधिकारी भी हिन्दू है। ऐसे में धार्मिक एंगल के आरोप सही साबित नहीं होते दिख रहे हैं। हत्या के आरोपी सिपाही का साइको एनालिसिस टेस्ट कराया जा रहा है ताकि उसके मानसिक हालात की जानकारी मिल सके।
आरोपी की तबीयत पहले थे खराब
सूत्रों के अनुसार हत्या के आरोपी सिपाही चेतन की इस गोलीकांड से पहले तबीयत खराब हुई थी। उसके बॉस ने उसे आराम करने को कहा। जब वो रेस्ट कर रहा था तब नियमों के अनुसार उसका हथियार जमा कर लिया गया था। रेस्ट के बाद जब वो उठा तो सिपाही चेतन ने अपने बॉस से कहा कि मैं ड्यूटी करना चाहता हूं। हालांकि उस आरोपित सिपाही के मरनेवाले बॉस ने फिर कहा कि अगर तबीयत ठीक नहीं है तबियत तो आप आराम करिए। लेकिन उस सिपाही ने ठीक होने की बात कहकर ड्यूटी करने लगा। ड्यूटी के लिये उसे उसका हथियार भी नियमों का पालन करते हुए दे दिया गया। उसके कुछ समय बाद सिपाही चेतन ने गोलियां चलाई जिसमे 4 लोगों की मौत हो गई।
ओवैसी का दावा
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने महाराष्ट्र में एक ट्रेन में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के एक कांस्टेबल द्वारा चार लोगों की हत्या को सोमवार को ‘मुस्लिमों को निशाना बनाकर किया गया आतंकवादी हमला’ करार दिया। हैदराबाद से सांसद ने कहा कि यह मुसलमानों के खिलाफ दिए जा रहे नफरत भरे भाषण और इसे समाप्त करने में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की "अनिच्छा" का नतीजा है।
