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Sawan Last Somwar 2026: सावन का आखिरी सोमवार कब है 2026, किस समय करें पूजा और अंतिम सोमवार व्रत पर क्या करें

Sawan Last Somwar 2026 Date: सावन का आखिरी सोमवार कब है 2026 का। सावन 2026 का अंतिम सोमवार व्रत किस तारीख को है। जानें शिव पूजा का शुभ समय, प्रदोष काल और व्रत में क्या करें।

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सावन का अंतिम सोमवार कब पड़ेगा 2026 का

Sawan Last Somwar 2026: सावन का महीना जैसे-जैसे समाप्ति की ओर बढ़ता है, शिव भक्तों के मन में एक सवाल जरूर आता है- सावन का आखिरी सोमवार कब है? साल 2026 में सावन का चौथा और अंतिम सोमवार 24 अगस्त को पड़ेगा। इस दिन भगवान शिव की पूजा के लिए सोमवार के साथ सोम प्रदोष व्रत का विशेष संयोग भी बन रहा है। यानी सुबह सावन सोमवार की पूजा और शाम को प्रदोष काल में शिव आराधना की जा सकेगी।

सावन का आखिरी सोमवार 2026 कब है

साल 2026 में सावन का अंतिम सोमवार 24 अगस्त को है। यह श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी और त्रयोदशी के संधिकाल वाला दिन रहेगा। सुबह के समय द्वादशी तिथि रहेगी, जबकि शाम को त्रयोदशी तिथि लग जाने के कारण इसी दिन सोम प्रदोष की पूजा भी की जाएगी।

ध्यान देने वाली बात यह है कि अलग-अलग पंचांगों में तिथि शुरू होने के समय में अंतर मिल रहा है। दिल्ली के स्थानीय पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि 24 अगस्त की शाम 6:50 बजे प्रारंभ होगी और 25 अगस्त की रात 8:29 बजे तक रहेगी। इसीलिए प्रदोष काल में त्रयोदशी मिलने के कारण व्रत 24 अगस्त को रखा जाएगा। दिल्ली के लिए प्रदोष व्रत पंचांग

24 अगस्त 2026 का पंचांग

जरूरी जानकारीतारीख और समय
सावन का अंतिम सोमवार24 अगस्त 2026
दिनसोमवार
पक्षश्रावण शुक्ल पक्ष
द्वादशी तिथिशाम 6:50 बजे तक
त्रयोदशी तिथि प्रारंभ24 अगस्त, शाम 6:50 बजे
त्रयोदशी तिथि समाप्त25 अगस्त, रात 8:29 बजे
सोम प्रदोष पूजा मुहूर्तशाम 7:45 से रात 9:51 बजे तक
प्रदोष पूजा की अवधि2 घंटे 7 मिनट
राहुकालसुबह 7:32 से 9:09 बजे तक
नक्षत्रपूर्वाषाढ़ा
योगप्रीति योग
चंद्र राशिधनु
सूर्य राशिसिंह

ध्यान दें कि हर और पंचांग की गणना के अनुसार इन समयों में कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। इसलिए स्थानीय पंचांग से मिलान करना बेहतर रहेगा।

सावन के आखिरी सोमवार पर पूजा का शुभ समय

भगवान शिव की नियमित सावन सोमवार पूजा सूर्योदय के बाद की जा सकती है। दिल्ली में 24 अगस्त को सूर्योदय लगभग सुबह 5:54 बजे होगा। ऐसे में प्रातःकाल स्नान करके राहुकाल शुरू होने से पहले शिवलिंग का जलाभिषेक किया जा सकता है। दिल्ली का सूर्योदय-सूर्यास्त समय

यदि सुबह पूजा संभव न हो तो राहुकाल समाप्त होने के बाद भी शिव पूजन किया जा सकता है। केवल इतना ध्यान रखें कि कोई विशेष शुभ कार्य राहुकाल के दौरान शुरू न किया जाए। हालांकि भगवान का नाम लेने या सामान्य पूजा-पाठ पर रोक नहीं मानी जाती।

24 अगस्त का प्रदोष काल कितने बजे रहेगा

24 अगस्त को सोमवार के दिन त्रयोदशी पड़ने के कारण यह सोम प्रदोष व्रत होगा। दिल्ली के पंचांग के अनुसार प्रदोष पूजा का शुभ समय शाम 7:45 बजे से रात 9:51 बजे तक रहेगा। इसकी अवधि लगभग 2 घंटे 7 मिनट होगी।

दिल्ली में सूर्यास्त करीब शाम 6:51 बजे होगा, लेकिन त्रयोदशी शाम 6:50 बजे शुरू होने के कारण सूर्यास्त के बाद पूरा प्रदोष संयोग प्राप्त होगा। दूसरे शहरों में सूर्यास्त के आधार पर पूजा के समय में थोड़ा बदलाव संभव है।

सावन के अंतिम सोमवार व्रत पर क्या करें

सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ कपड़े पहनें। घर के मंदिर या शिवालय में भगवान शिव का गंगाजल अथवा साफ जल से अभिषेक करें। इसके बाद दूध, दही, शहद, घी और गंगाजल से पंचामृत अभिषेक किया जा सकता है। अगर इतना सब करना संभव न हो तो केवल श्रद्धा से चढ़ाया गया एक लोटा जल भी पर्याप्त माना जाता है।

शिवलिंग पर बेलपत्र, सफेद फूल, अक्षत और चंदन अर्पित करें। बेलपत्र चढ़ाते समय ध्यान रखें कि वह कटा-फटा न हो और उसका चिकना भाग शिवलिंग की ओर रहे। इसके बाद ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा या महामृत्युंजय मंत्र पढ़ें।

चूंकि इसी दिन सोम प्रदोष भी है, इसलिए शाम को दोबारा स्नान करके शिव-पार्वती की पूजा करें। दीपक जलाएं, प्रदोष व्रत कथा पढ़ें और भगवान शिव को खीर, फल या सफेद मिठाई का भोग लगाएं।

व्रत रखने वाले इन बातों का रखें ध्यान

सावन सोमवार का व्रत रखने वाले व्यक्ति दिनभर फलाहार कर सकते हैं। स्वास्थ्य साथ न दे तो निर्जल व्रत करने की जरूरत नहीं है। फल, दूध और पानी लेते हुए भी श्रद्धापूर्वक व्रत किया जा सकता है। गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों, डायबिटीज के मरीजों या दवा लेने वाले लोगों को अपनी सेहत के अनुसार ही उपवास करना चाहिए।

सावन का आखिरी सोमवार केवल व्रत पूरा करने का दिन नहीं है। इसे पूरे महीने की शिव आराधना के समापन और अपनी गलतियों के लिए क्षमा मांगने का अवसर भी माना जाता है। इसलिए पूजा की सामग्री से ज्यादा जरूरी मन की शांति, संयम और सच्ची श्रद्धा है।

Medha Chawla
मेधा चावलाauthor

मेधा चावला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर एसोसिएट एडिटर हैं और लाइफस्टाइल सेक्शन की लीड हैं। लाइफस्टाइल पत्रकारिता में 20 वर्षों का अनुभव रखने वाली मेधा की विशेषज्ञता हेल्थ, वेलनेस, फिटनेस, मेंटल हेल्थ, डेली लाइफ इम्प्रूवमेंट, ह्यूमन-इंटरेस्ट फीचर्स और रिसर्च-बेस्ड स्टोरीज तक फैली है। उनकी लेखन शैली पाठकों को जटिल स्वास्थ्य और जीवनशैली संबंधी विषयों को आसान, समझने योग्य और व्यवहारिक रूप में प्रस्तुत करती है, जिससे उनका कंटेंट व्यापक पाठक समूह से जुड़ता है। अबतक 30,000 से अधिक कंटेंट पीस लिख चुकी मेधा की कई एक्सक्लूसिव स्टोरीज डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ट्रेंड सेट कर चुकी हैं।

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