MP Cabinet Expansion: ‘भारत रत्न’ अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती पर मध्य प्रदेश में नई सरकार ने आकार लिया। सोमवार (25 दिसंबर, 2023) को सूबे की राजधानी भोपाल में बीजेपी के 28 नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल मंगू भाई पटेल ने समारोह के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव के मंत्रिमंडल के इन 28 सदस्यों को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई।
मोहन यादव के इन स्पेशल 28 में अनुभव और युवा जोश का संगम देखने को मिलता है। कुल मंत्रियों में 11 अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं, जबकि केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के सिर्फ तीन समर्थक ही मिनिस्टर बनाए गए। आइए, जानते हैं मंत्रिमंडल विस्तार से जुड़ी महीन बातें:
- 28 मंत्रियों में से 18 कैबिनेट रैंक के, छह राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) के और चार राज्य मंत्री हैं।
- कैबिनेट मंत्री: विजय शाह, कैलाश विजयवर्गीय, प्रह्लाद पटेल, करण सिंह वर्मा, राकेश सिंह, उदय प्रताप सिंह , संपतिया उइके, तुलसीराम सिलावट, ऐदल सिंह कंसाना, गोविंद सिंह राजपूत, विश्वास सारंग, निर्मला भूरिया, नारायण सिंह कुशवाहा, नागर सिंह चौहान, प्रद्युम्न सिंह तोमर, राकेश शुक्ला, चैतन्य कश्यप और इंदर सिंह परमार।
- राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार): कृष्णा गौर, धर्मेंद्र भाव लोधी, दिलीप जयसवाल, गौतम टेटवाल, लाखन पटेल और नारायण सिंह पवार।
- राज्य मंत्री: नरेंद्र शिवाजी पटेल, प्रतिमा बागरी, दिलीप अहिरवार और राधा सिंह।
- महिला मंत्रीः कुल पांच। दो कैबिनेट रैंक की (संपतिया उइके और निर्मला भूरिया)। तीन राज्य मंत्री (कृष्णा गौर, प्रतिमा बागरी और राधा सिंह)।
- मुख्यमंत्री (मोहन यादव) और दो उपमुख्यमंत्रियों (राजेंद्र शुक्ला और जगदीश देवड़ा) सहित मंत्रिमंडल की कुल संख्या अब 31 हो गई है।
- 230 विधायकों वाले मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री सहित मंत्रिपरिषद की अधिकतम संख्या 35 हो सकती है।
मोहन यादव के नेतृत्व वाले मंत्रिमंडल में न सिर्फ जातीय गणित बल्कि क्षेत्रीय समीकरण और गुटीय संतुलन को भी बिठाने का प्रयास किया गया है। ऐसा इसलिए क्योंकि पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान के करीबियों के साथ केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के खेमे के नेताओं को भी इसमें शामिल किया गया है।
वैसे, सियासी गलियारों में मंत्रिमंडल विस्तार के बाद चर्चा होने लगी कि मोहन सरकार में शिवराज के साथ सिंधिया का कद भी घट गया। दरअसल, संख्या के लिहाज से इन दोनों दिग्गजों के कम नेता ही मंत्री बनाए गए। सिंधिया के तीन समर्थकों को ही मिनिस्टर बनाया गया, जबकि चौहान के कार्यकाल के दौरान उनके समर्थक मंत्रियों की संख्या नौ थी।
देश और दुनिया की ताजा ख़बरें (News in Hindi) पढ़ें हिंदी में और देखें छोटी बड़ी सभी न्यूज़ Times Now Navbharat Live TV पर। देश (India News) अपडेट और (आज की ताजा खबर) के लिए जुड़े रहे Times Now Navbharat से ।
