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Monsoon Session 2024: सर्वदलीय बैठक में JDU ने बिहार तो YSRCP ने आंध्र के लिए मांगा विशेष राज्य का दर्जा, जानें क्या है पूरा माजरा

Monsoon Session 2024: संसद के मानसून सत्र के पहले सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के कई नेता भी पहुंचे। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि जदयू ने बैठक में बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा मांगा है। वहीं जयराम रमेश ने बताया कि नेताओं की सर्वदलीय बैठक में सार्वभौमिक मांग यह रही है कि सांसदों के एक-दूसरे से मिलने-जुलने और पार्टियों के बीच संवाद को बेहतर बनाने के लिए सेंट्रल हॉल को एक बार फिर खोला जाना चाहिए।

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जद (यू) नेता ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की- जयराम रमेश

Photo : ANI
KEY HIGHLIGHTS
  • सर्वदलीय बैठक में उठी बिहार, आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग
  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आज हुई सर्वदलीय बैठक
  • कांग्रेस की तरफ से जयराम रमेश, गौरव गोगोई, के. सुरेश और प्रमोद तिवारी बैठक में रहे मौजूद

Monsoon Session 2024: केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बजट सत्र-2024 से पहले संसद के दोनों सदनों में सभी राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ बैठक की। इस बैठक में विपक्ष के भी कई नेता पहुंचे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने रविवार को कहा कि संसद सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में जनता दल (यूनाइटेड) और वाईएसआरसीपी ने क्रमश: बिहार और आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की, लेकिन अजीब बात यह रही कि तेलुगू देशम पार्टी (TDP) इस मामले पर चुप रही।

कांग्रेस नेता ने एक्स पर दी जानकारी

रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आज सदन के नेताओं की सर्वदलीय बैठक में जद (यू) नेता ने बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की। वहीं, वाईएसआरसीपी नेता ने आंध्र प्रदेश के लिए विशेष राज्य के दर्जे की मांग की। अजीब बात रही कि तेदेपा नेता इस मामले पर चुप रहे।

रमेश का यह सोशल मीडिया पोस्ट तब आया, जब बैठक जारी ही थी। सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के प्रमुख सहयोगी जद (यू) ने हाल ही में एक प्रस्ताव पारित कर बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने की मांग की थी। आंध्र प्रदेश के नेता लंबे समय से राज्य के लिए विशेष दर्जे की मांग कर रहे हैं। लोकसभा चुनाव के बाद इस मांग ने एक बार फिर से जोर पकड़ लिया है।

सेंट्रल हॉल को एक बार फिर खोलने की हुई मांग

रमेश ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि सदन के नेताओं की सर्वदलीय बैठक में सार्वभौमिक मांग यह रही है कि सांसदों के एक-दूसरे से मिलने-जुलने और पार्टियों के बीच संवाद को बेहतर बनाने के लिए सेंट्रल हॉल को एक बार फिर खोला जाना चाहिए। संसद के नए भवन के उद्घाटन के बाद ऐतिहासिक सेंट्रल हॉल का उपयोग बंद हो गया है। रमेश ने एक अलग पोस्ट में कहा कि राजनीतिक माहौल कितना बदल गया है! सर्वदलीय बैठक में बीजद नेता ने रक्षा मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को याद दिलाया कि 2014 के ओडिशा विधानसभा चुनाव के लिए भाजपा के घोषणापत्र में राज्य को विशेष राज्य का दर्जा देने का वादा किया गया था।

Shashank Shekhar Mishra
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शशांक शेखर मिश्रा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल (www.timesnowhindi.com) में बतौर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। इन्हें पत्रकारिता में करीब 5 वर्षों का अनुभव है। इन पांच सालों में देश की राजनीति से लेकर देश-दुनिया में बनते-बिगड़ते सत्ता समीकरणों एवं घटनाओं को कवर करने का अनुभव है। राजनीति, रक्षा और आटोमोबाइल्स की खबरों में विशेष रूचि के साथ खोजी पत्रकारिता और स्टिंग ऑपरेशन का भी अनुभव है। टाइम्स नाउ नवभारत में देश-दुनिया की खबरों के साथ रियल टाइम डेस्क पर कार्य करने का अनुभव है। शशांक ने इन 5 वर्षों के पत्रकारिता के कैरियर के दौरान टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में कार्य करने का अनुभव हासिल किया है। टाइम्स नाउ नवभारत में बतौर कॉपी एडिटर जुड़ने से पहले जागरण न्यू मीडिया, इनशार्ट्स, जी हिंदुस्तान और न्यूज हेल्पलाइन में सब एडिटर, रिपोर्टर और असिस्टेंट प्रोड्यूसर के तौर पर काम कर चुके हैं। पढ़ाई-लिखाई की बात करें तो लखनऊ विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। इसके बाद एशियन एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन से पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा इन मास कम्युनिकेशन एंड टीवी जर्नलिज्म किया हैं। शशांक को जिम जाना, एडवेंचर एक्टिविटी करना और नई तकनीक को जानना और समझना बेहद पसंद है। इसके अलावा शशांक को ड्राइव करना और अध्यात्म में भी काफी रुचि हैं। शशांक शेखर मिश्रा उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों के शहर के रूप में फेमस लखनऊ से ताल्लुक रखते हैं।

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